रांची: अम्फान तूफान का असर अब झारखंड में दिख रहा है. राजधानी रांची में चक्रवाती तूफान के कारण हल्की बारिश शुरू हो गयी है, वहीं पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, साहेबगंज,धनबाद, बोकारो समेत अन्य जिलों में भी चक्रवाती तूफान का असर दिखना शुरू हो गया है. हालांकि अम्फान से झारखंड में कोई ज्यादा नुकसान की आशंका नहीं है.
भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के रांची स्थित कार्यालय के निदेशक एस0डी. कोटाल ने बुधवार सुबह को बताया कि रांची से करीब 350किमी और जमशेदपुर से करीब 240किमी दूर अम्फान तूफान के दीघा (पश्चिम बंगाल) और हटिया आइसलैंड (बांग्लादेश) के समुद्री तट से टकराने के बाद झारखंड के दस जिलों पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहेबगंज जिले में 30 से 40किमी प्रतिशत घंटा की रफ्तार से हवाला चलेगी और इस दौरान 15 से 65 मिमी तक बारिश हो सकती है. उन्होंने बताया कि इस दौरान झारखंड के लगभग सभी जिलों में आसमान में बादल छाये रखेंगे और हल्की बारिश हो सकती है. राजधानी रांची में इस चक्रवाती तूफान को लेकर 20 से 30 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने और हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना जतायी गयी है.
मौसम पूर्वानुमान में बताया गया है कि राजधानी रांची समेत कई हिस्सों में देर शाम तक बारिश होगी, लेकिन गुरुवार से तूफान का असर कम हो जाएगा. उन्होंने बताया कि पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पाकुड़-साहेबगंज, धनबाद-बोकारो में तूफान के कारण तेज आंधी के साथ बारिश होगी, लेकिन रांची समेत अन्य जिलों में भी इसका आंशिक असर देखने को मिलेगा.
इधर, अम्फान के कारण पूर्वी सिंहभूम जिला के बहरागोड़ा, घाटशिला और पटमदा सहित सरायकेला एवं आसपास के इलाकों में तूफान ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है. जोरदार आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई है. बंगाल की खाड़ी से उठा तूफान 240 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रहा है. माना जा रहा है कि बंगाल की खाड़ी से अब तक उठे तूफान में सबसे ज्यादा रफ्तार इस तूफान का है.
उधर जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को ऊंचे स्थान पर जाने का आदेश दे दिया है. वैसे नेशनल हाईवे 33 पर भी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई हैं. हवा के तेज गति के कारण बड़ी घटना घट सकती है उसको देखते हुए फूस के मकान में रहने वाले लोगों को पक्के मकान में जाने की अनुमति दी गई हैं. जहां सरकारी पक्का मकान है वहां पर लोग शरण ले रहे हैं. रात से ही बूंदाबांदी बारिश शुरु हुई कि सुबह होते ही तूफान ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया.

