एचइसी प्रबंधन ने स्टेडियम के अलावा अन्य अवैध निर्माण को लेकर उठाया था आवाज
ब्यूरो चीफ
रांची: झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) का आलीशान दफ्तर और स्टेडियम जिस जमीन में बना है, वह जमीन एचइसी की है. एचइसी प्रबंधन ने जमीन की लीज 2015 में समाप्त कर दी गयी है. एचइसी प्रबंधन की ओर से स्टेडियम परिसर में अवैध निर्माण होने की बात उठायी थी. यह बताते चलें कि एचइसी प्रबंधन और जेएससीए प्रबंधन के बीच हुए समझौते के नियम 21 के बाबत जेएससीए को आवंटित की गयी जमीन की लीज 2015 से रद्द कर दी गयी है. एचइसी के तत्कालीन चीफ ऑफ टाउनशिप हेमंत कुमार गुप्ता ने इस बाबत झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष, राज्यपाल के प्रधान सचिव, मुख्य सचिव झारखंड, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पदधारियों, डीजीपी झारखंड, उपायुक्त रांची, भूमि सुधार उप समाहर्ता समेत अन्य को चिट्ठी लिख कर लीज रद्द करने की सूचना भी दे दी थी.
चार जुलाई 2015 को रद्द किया गया था डीड ऑफ लीज
बार-बार पत्र लिखने पर भी जेएससीए प्रबंधन ने नहीं की कार्रवाई
एचइसी की तरफ से चार जुलाई 2015 को जेएससीए को दी गयी जमीन की डीड ऑफ लीज रद्द कर दी गयी थी. इसमें कहा गया था कि निगम के चीफ ऑफ टाउनशिप ने 2013-85, दिनांक10.4.2013, 2013-195, दिनांक 20.9.2013 तथा 2014-04 दिनांक 16.1.2015 को जेएससीए के सचिव को पत्र लिख कर स्टेडियम परिसर में हो रहे अवैध निर्माण के बाबत चिट्ठी लिखी थी. इस पर जेएससीए प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की. यह कहा गया कि एचइसी के साथ जेएससीए प्रबंधन ने 25.6.2008 को आवंटित की गयी जमीन का लीज बनवाया था.
कैसे किया जेएससीए ने शर्तों का उल्लंघन
जेएससीए प्रबंधन ने एचइसी के साथ हुए समझौतों का बार-बार उल्लंघन किया. समझौते के अनुच्छेद 10 में यह सहमति बनी थी कि स्ट्डियम में होनेवाले मैच को लेकर जो भी टिकटों की बिक्री होगी उसका पांच प्रतिशत रायल्टी जेएससीए एचइसी को देगा. 19.3.2013 को हुए पहले एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में 40 हजार से अधिक टिकटों की बिक्री हुई. इसका एक रुपया रॉयल्टी भी एचइसी को नहीं मिला.
समझौते के अनुच्छेद 11 में यह सहमति बनी थी कि एचइसी के मैच के दौरान बेहतर जगह
(प्रोमीनेंट प्लेस पर) पर प्रचार करने की इजाजत दी जायेगी. पर स्टेडियम के उदघाटन के बाद से लेकर कई अवसरों पर यह मौका ही एचइसी को नहीं दिया गया. समझौते के अनुच्छेद 12 में यह कहा गया था कि एचइसी के सीएमडी को जेएससीए का पैट्रोन बनाया जायेगा. पर इसका अनुपालन नहीं किया गया. अनुच्छेद 13 के तहत एचइसी के निदेशकों को जेएससीए का सदस्य बनाया जाना था. यह भी नहीं किया गया. अनुच्छेद 15 के अनुसार प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जेएससीए द्वारा एचइसी को 100 टिकटें देना था. यह टिकटें जेएससीए के पवैलियन के पास दिया जाना था. पर यह भी कभी नहीं दिया गया. एचइसी प्रबंधन द्वारा समग्र रेस्तरां का संचालन जेएससीए स्टेडियम में किये जाने का विरोध किया गया था. इसके अलावा कई अन्य शर्तों का उल्लंघन भी जेएससीए प्रबंधन ने लगातार किया.

