ऱांची :
खास बातें
रांची नगर निगम को 47.92 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ
रांचीः रांची की मेयर आशा लकड़ा ने नगर विकास सचिव पर तंज कसा है। कहा कि नगर विकास विभाग के अधिकारी सरकार के इशारे पर नियम विरूद्ध कार्य कर निगम के अधिकारों को समाप्त करने कोशिश कर रहे हैं। कर वसूली से संबधित कार्य के लिए सूडा (राज्य शहरी अभिकरण) के माध्यम से नियम विरूद्ध टेंडर निकाला गया है। टेंडर में रांची और धनबाद नगर निगम के लिए एकीकृत प्रणाली का हवाला दिया गया है। सूडा के माध्यम से नई एजेंसी का चयन कर रांची नगर निगम पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हों ने कहा कि नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत स्थायी समिति और परिषद की बैठक में ही निर्णय लिया जा सकता है। नगर विकास विभाग के सचिव केवल नगर निगम को राजस्व में वृद्धि के लिए निर्देश दें, ना कि नगर निगम के अधिकारों को खत्म करने की कोशिश करें। पिछली सरकार में लिए गए निर्णय को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में उचित निर्णय लें। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह है कि वे नियम विरूद्ध कार्यों का अनुमोदन नहीं करें। मेयर शुक्रवार को मीडिया से बातचीत कर रही थीं।
नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास किया
रांची नगर निगम ने निजी एजेंसी का चयन कर टैक्स वसूली में वृद्धि करने की योजना तैयार की। पिछले छह वर्षों में होल्डिंग टैक्स की वसूली में वृद्धि कर नगर निगम की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास किया है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग की संख्या मात्र 33 हजार 6 सौ 84 थी। होल्डिंग टैक्स से मात्र 8 करोड़ 20 लाख का राजस्व प्राप्त होता था। वर्ष 2019-20 में होल्डिंग की संख्या एक लाख 53 हजार हो चुका है और 47 करोड़ 92 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
60 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है
मेयर ने कहा कि अब तक 2020-21 में एक लाख 98 हजार भवनों को होल्डिंग टैक्स के दायरे में लाया गया है। इस वित्तीय वर्ष मं 2 लाख 20 हजार भवनों को होल्डिंग टैक्स के दायरे में लाने और लगभग 60 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। नगर निगम से संबंधित टैक्स की वसूली में एजेंसी के चयन के बाद राजस्व में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। 2016 में रांची नगर निगम ने राजस्व वसूली के लिए स्व कर निर्धारण की प्रक्रिया लागू की थी। रांची नगर निगम के राजस्व वसूली नीति को अन्य राज्यों, जैसे – छतीसगढ़, बिहार एवं राजस्थान ने भी अपनाया है। इसी वर्ष फरवरी माह में यूपी सरकार का प्रतिनिधिमंडल रांची नगर निगम के राजस्व संग्रहण प्रणाली को देखने के लिए आए थे। अब यूपी सरकार इस मॉडल को लागू करने की तैयारी कर रही है। पिछली सरकार ने होल्डिंग टैक्स की नई नियमावली को मॉडल के रूप में अपनाया था। राज्य के सभी निकायों में होल्डिंग टैक्स की नई नियमावली को लागू भी किया गया है। होल्डिंग टैक्स की वसूली के लिए सॉफ्टवेयर का उपयोग भी सबसे पहल रांची नगर निगम ने ही किया। वर्तमान में रांची नगम निगम के सॉफ्टवेयर को मॅाडल मानते हुए इसे सभी निकायों में उपयोग किया जा रहा है।

