रांची: होल्डिंग टैक्स, वाटर यूजर चार्ज व म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस से रांची नगर निगम के राजस्व में हो रहे घाटा को देखते हुए मेयर आशा लकड़ा ने बुधवार को नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मेसर्स स्पैरो सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड को कार्य विस्तार देते हुए एकरारनामा करने का निर्देश दिया.
पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा कि मेसर्स स्पैरो साॅफ्टेक प्रा. लि. के खिलाफ न्यायालय में कोई मामला नहीं है. लिहाजा नगर निगम परिषद् की बैठक में लिए निर्णय के तहत संबंधित एजेंसी को कार्य विस्तार देने पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
नगर आयुक्त को लिखे गए पत्र में मेयर ने यह भी कहा है कि 09 जून 2020 को परिषद की बैठक में मेसर्स स्पैरो साॅफ्टेक प्रा. लि. को तीन साल के लिए कार्य विस्तार दिया गया है. सूडा के माध्यम से भी एजेन्सी चयन करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इस संबंध में नगर निगम के अधिकार को लेकर मेयर ने झारखण्ड उच्च न्यायालय में याचिका दायर किया है. यह मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है. अतः तत्काल रांची नगर निगम परिषद् की बैठक में लिए गए निर्णय का अनुपालन करते हुए मेसर्स स्पैरो साॅफ्टेक प्रा. लि. को कार्य विस्तार देने के लिए एकरारनामा किया जाए. एकरारनामा में यह स्पष्ट हो कि यदि माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा सूडा के पक्ष में निर्णय दिया जाएगा तो एकरारनामा स्वतः रद्द माना जाएगा.
रांची नगर निगम को प्रतिदिन हो रहे राजस्व के घाटे के लिए मेयर ने नगर विकास विभाग के सचिव को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव की हठधर्मिता के कारण रांची नगर को प्रतिदिन प्राप्त होने वाले राजस्व में भारी क्षति हुई है. हाई कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद उन्होंने स्वहित के लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी पूरी कर दी. कोर्ट का फैसला आने तक रांची नगर निगम को आंतरिक स्रोतों से प्राप्त होने वाले राजस्व में घाटा होगा तो वर्तमान में शहर की सफाई व विकास से संबंधित कार्य प्रभावित होंगे. इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा.
मेयर ने नगर आयुक्त को लिखे गए पत्र में यह भी कहा है कि नगर आयुक्त के आदेशानुसार वर्तमान में रांची नगर निगम स्वयं कर संग्रह कर रहा है. दिनांक- 19, 20, 21 व 24 अगस्त को कुल राजस्व 4.27 लाख रुपए प्राप्त हुआ है, जो प्रतिदिन होने वाले कर संग्रह के हिसाब से लगभग 1.06 लाख रुपए है. तथ्यात्मक दृष्टिकोण से राजस्व संग्रह का यह आंकड़ा न के बराबर है. जबकि पूर्व में मेसर्स स्पैरो साॅफ्टेक प्रा. लि. के माध्यम से जून 2020 से 11 अगस्त 2020 तक लगभग 19 करोड़ का राजस्व संग्रह किया गया है, जो प्रतिदिन के हिसाब से 31 लाख रुपए है. इस पर तथ्यात्मक दृष्टिकोण से प्रतिदिन होने वाले राजस्व संग्रह का आकलन करें तो निगम को प्रतिदिन 31 लाख रूपये का नुकसान हो रहा है.
रांची नगर निगम को मात्र चार दिनों में 1.20 करोड़ राशि का नुकसान हो चुका है, ऐसे में निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. यदि यह सिलसिला लंबी अवधि तक चला तो रांची नगर निगम के कई आवश्यक कार्य राजस्व के अभाव में बाधित होंगे. नगर निगम क्षेत्र में आम जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है.

