पटना : अर्का जैन विश्वविद्यालय के एनएसएस इकाइयों के द्वारा आयोजित “मंत्राज ऑफ़ सक्सेस एंड हैप्पीनेस” विषयक वेबिनार सीरिज़ के दूसरे सम्भाषण में बिहार पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक व सुपर ३० के संस्थापक अभयानन्द ने छात्रों व शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए सफलता और प्रसन्नता के विविध आयामों पर अपनी बातें रखीं. श्री अभयानन्दजी ने कहा कि सफलता और प्रसन्नता दोनों अलग हैं और दोनों के ही मापदंड और अनुभूति अलग हैं. दोनों के मिलने के तरीके भी अलग हैं.
तीन मन्त्र उन्होंने यूं दिया–पढाई को आत्मसात करें, प्रसन्न रहें, गलती की पुनरावृत्ति न करें.
उन्होंने कहा कि सफलता और प्रसन्नता दोनों ही व्यक्तिगत अवधारणाएं है और इसे एक तरह से परिभाषित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने धैर्य के साथ सतत प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया और विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी कि अगर किसी भी क्षेत्र में सफलता देर से मिले या न मिले तो हताश न होकर दूसरे प्रयासों में लग्न होना चाहिए.
अभयानंदजी ने लक्ष्य निर्धारण कर संयम के साथ सफलता के लिए प्रयास करने को कहा। उन्होंने इंटरनेट को रिसोर्स के रूप में प्रयोग करने की सलाह दी।
ख़ुशी या प्रसन्नता के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि अपनी क्षमता के अनुकूल कार्य किये जाएँ और क्षमता को बढ़ाते रहने पर जीवन में ख़ुशी मिलती रहेगी।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक श्री पारस नाथ मिश्र ने अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि अर्का जैन विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवक इस महामारी काल में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर अपनी भूमिका निभाई है l हमारा उद्देश्य है कि सफल और अनुभवी व्यक्तित्व से बच्चों को प्रेरणा लें और उनका अनुसरण कर सकें । तीनों इकाइयों के प्रोग्राम ऑफिसर्स ने छात्रों को उचित मार्गदर्शन दिया है।
एन एस एस के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने आरका जैन विश्विद्यालय के इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों का मनोबल ऊंचा होता है ।
कुलपति प्रो एसएस रज़ी, निदेशक श्री अमित श्रीवास्तव व निदेशक (परिसर) डॉ अंगद तिवारी ने भी ऐसे कार्यक्रमों के लिए एनएसएस इकाइयों को बधाई दी।
एनएसएस प्रोग्राम अफसर डॉ मनोज पाठक ने उद्घाटन सत्र का सञ्चालन किया और प्रो पारस नाथ मिश्र ने वार्ताकार की भूमिका निभाते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। प्रो राजीव सिन्हा और प्रो प्रेरणा राय भी एनएसएस इकाइयों के स्वयंसेवकों के साथ जुड़े रहे और तकनीकी सहयोग भी दिए। उक्त वेबिनार में झारखण्ड राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के एनएसएस स्वयंसेवक जुड़े और लाभान्वित हुए। इस वेबिनार में कोल्हान सहित झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों के बच्चों ने भाग लिया ।

