प्रमुख संवाददाता : उपेंद्र कुमार सिंह
झारखंड : लोकसभा चुनाव में मात खा चुके विपक्ष के घाव अभी भी हरे है , फिलहाल ऊपरी तौर पर विपक्ष अपने को मजबूत दर्शाने की कोशिश में लगा हुआ है. और इसके मद्देनजर अपने -आप को महागठबंधन का नेता घोषित कर चुके झामुमों के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने अपने आवास पर पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के तहत संयुक्त विपक्ष की बैठक बुलाई लेकिन. इस बैठक में कदावर नेता या विधायक के नाम पर कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, मासस के इकलौते विधायक अरूप चटर्जी के अलावें झाविमों केन्द्रीय महासचिव सरोज सिंह और राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह के अलावे झामुमों के पार्टी पदाधिकारियों ने शिरकत की है.

यह बैठक इस उम्मीद पर आयोजित हुई है कि लोकसभा और विधानसभा के मुद्दे अलग -अलग होते है. और झारखंड में आगामी नवंबर दिसंबर में आम विधानसभा चुनाव की सरगर्मीओं के बीच इस बैठक को अहम माना जा रहा है, क्योंकि सत्तापक्ष भाजपा विभिन्न कार्यक्रमों से विधानसभा चुनाव की पुख्ता तैयारी में लग गया है.

वहीं विपक्षी पार्टियों में भी अब शायद सुस्ती टुट रही है. इसी कड़ी में विपक्षी पार्टियों की पहले फेज की महत्वपूर्ण बैठक हेमंत सोरेन के आवास में संपन्न हुई बैठक में कुछ खास तय तो नही हुआ अलबत्ता निर्णयों में विधानसभा चुनाव में विपक्षी पार्टियों तमाम दलों के सिटिंग विधायक जिस सीट से जीत दर्ज किया हैं. वहीं से पुनः उस सीट पर चुनाव लड़ेंगे इसके साथ ही बाकी बचे सीटों पर जिन पार्टियों के नेता रनर यानि दूसरे स्थान पर बिते बार रहे थे उन्हें इस बार भी विपक्षी पार्टियां मौका देगी.
जबकि बाम दलों के अलग चलने के सवाल पर हेमंत सोरेन ने इच्छा जताई कि वाम दल भी महागठबंधन का हिस्सा बने और मिलकर विपक्षी पार्टियां रघुवर और भाजपा को सत्ता से हटाने का काम कर सकती है. फिलहाल विपक्षी पार्टियों की यह पहली बैठक है लेकिन आगामी बैठकों में सीटों के बंटवारे पर चर्चा होगी.
बैठक में बाबूलाल मरांडी की पार्टी के बागी विधायकों के सीटों पर झाविमों की उमीदवारों के लिये ही छोड़े जाने का फिलहाल मन बनाया गया है. हालांकि विपक्षी बैठक का संख्या बल को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि महज अपना वजूद तौलनें के लिये ही हेमन्त सोरेन अपने आवास में विपक्षी नेताओं को ही बुलाया था. और प्रेस के सवालों पर राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास और भाजपा पर बौखलाते दिखे और कहा कि रघुवर को केवल सोरेन परिवार ही दिखाई पड़ रहा है.

