BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

देशभक्ति की याद दिलाने वाला अगस्त का महीना बहुत ही पावन है: धर्मेन्द्र तिवारी

by bnnbharat.com
August 9, 2020
in Uncategorized
देशभक्ति की याद दिलाने वाला अगस्त का महीना बहुत ही पावन है: धर्मेन्द्र तिवारी
Share on FacebookShare on Twitter

रांची: भारतीय जनता मोर्चा, झारखंड प्रदेश के नगर कार्यालय में आज विश्व आदिवासी दिवस और अगस्त क्रांति दिवस मनाया गया. भाजमो के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेन्द्र तिवारी ने बताया कि आज ही के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा आजादी के लिए दिया था.

आजादी के दीवानों ने आजादी हेतु बहुत बड़ा तांडव किया था, आंदोलन किया था. जिसके फलस्वरूप हम आज आजाद भारत में रह रहे हैं. उन्होंने कहा अगस्त का महीना कई मायने में बहुत ही महत्वपूर्ण है. देशभक्ति की याद दिलाने वाला यह महिना बहुत ही पावन है.

गांधी जी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा भी दिया. हमारे देश के नौजवानों ने किसानों ने सब ने सहयोग कर, इस आजादी की यज्ञ में लग गए. और क्रांति वीरों ने अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया.

तिवारी ने कहा आज विश्व आदिवासी दिवस भी है. राजकीय अवकाश आज के दिन घोषित कर सरकार ने बहुत बड़ा तोहफा दिया है. आदिवासी समुदाय की जीवन शैली और प्रकृति से प्रेम, आस्था और सम्मान, पूरा समाज मिलजुल कर रहने की सीख, इस पावन पर्व पर देखने को मिलता है.

धार्मिक अनुष्ठान जैसे सरहुल, कर्मा में जो आनंद मिलता है वही आनंद आज के दिन. धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन परंपरा रीति रिवाज के अनुरूप मनाते हैं. देवी देवताओं का पूजन कर खुशी बांटते हैं.

प्रकृति से प्रेम करने वाले आदिवासी वनवासी कहलाने वाले, हमारे अलग-अलग प्रांतों में रहकर प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित कर, जीवन जीने की कला को सिखाते हैं. अलग परंपरा अलग खानपान फिर भी यह है महान. पूरे समाज को बहुत-बहुत बधाई.

आदिवासी समाज और प्रकृति एक दूसरे के पूरक हैं आदिवासी संस्कृति को बचाने का संकल्प सहयोग और प्रकृति की रक्षा जरूरी है. दुनिया में आदिवासी भाइयों के अधिकारों की सुरक्षा.

विश्व पर्यावरण में संरक्षण और आदिवासी समाज का सहयोग बहुत बड़ा है. हमारे देश में आदिवासी समाज के 10 से 12 करोड़ लोग रहते हैं. 80% आबादी गांव में है.

आज के आयोजन में मुख्य रूप से अरविंद कुमार दुबे, मनोज कुमार पांडे, विमलेश कुमार सिंह, किशोर विजयवर्गीय, अंशुल शरण, मनोज कुमार तिर्की, कौशलेंद्र कुमार, श्याम निवासन,शत्रुघन कुमार गोंड, रवि मुंडा, अशोक ठाकुर, रवि पटनायक, अजय वर्मा, आशीष शीतल, निरंजन सिंह, अमृतेश पाठक, विक्रम सिंह रंजीत कुमार आदि उपस्थित थे.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

‘Covid-19’ के टीके का प्रारंभिक स्तर का परीक्षण शुरू

Next Post

गिरफ्तार नक्सली के बयान पर पुलिस ने जंगल से हथियार एवं बारूद किया बरामद

Next Post
गिरफ्तार नक्सली के बयान पर पुलिस ने जंगल से हथियार एवं बारूद किया बरामद

गिरफ्तार नक्सली के बयान पर पुलिस ने जंगल से हथियार एवं बारूद किया बरामद

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d