भाजपा सांसद ने सीबीआई जांच की मांग की
रांची:- चेन्नई से अपहरण के बाद महाराष्ट्र के पालघर में जलाकर विभत्स घटना से सूरज दूबे के परिजन के साथ पूरा झारखंड हतप्रभ है. मुंबई से रविवार शाम को शहीद सूरज दूबे का शव रांची एयरपोर्ट पहुंचने पर नम आंखों से सैन्य अधिकारियों, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियां और उनके परिजनों तथा इष्ट-मित्रों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. वहीं पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने नौसेना सूरज कुमार दूबे की हुई निर्मम हत्या पर दुःख व्यक्त करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री और रक्षामंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई तथा नौसेना के दृष्टिकोण से उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया है.
पलामू सांसद ने अपने संसदीय क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले पूर्वडीहा स्थित कोल्हुआ खुर्द टोला के निवासी भारतीय नौसेना में कार्यरत नौसैनिक सूरज कुमार दूबे की हुई निर्मम हत्या पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर सीबीआई जांच तथा नौसेना के दृष्टिकोण से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है . रक्षा मंत्रालय को लिखे पत्र में सांसद बीडी राम ने लिखा है कि सूरज 2 जनवरी को छुट्टी पर अपने घर आये थे और 30 जनवरी को वह पलामू से कोयंबटूर जाने के लिए निकले थे परंतु उसी दिन 6.46 बजे घरवाले द्वारा फोन करने पर उनका मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा जिसके बाद 1 फरवरी 2021 को सूरज दूबे के परिजनों ने चैनपुर थाना में सूरज दूबे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराया. रिपोर्ट के आलोक में हुई जांच से मोबाइल नंबर ट्रैक करने पर उनका लास्ट लोकेशन मेट्रो स्टेशन चेन्नई दिखा .वहीं अन्य लोकल इंक्वायरी में पता चला कि श्रीधर नामक टैक्सी ड्राइवर ने सूरज दूबे को एनएसजी कैंप ओटेरी थाना के पास छोड़ा था. जिसके 3 दिन बाद महाराष्ट्र के पालघर जिले अंतर्गत वेलजीपाड़ा जंगल में लगभग 90प्रतिशत से ऊपर जले हुए अवस्था में सूरज दुबे का शरीर पाया गया, जिसकी मौत मुंबई के नौसेना अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई . सांसद बीडी राम ने लिखा कि मौत से पूर्व दी गई बयान के अनुसार 30 जनवरी चेन्नई हवाई अड्डे के बाहर लगभग 11बजे अज्ञात तीन सशस्त्र लोगों ने सफेद एसयूवी गाडी से उन्हें अगवा कर लिया और कथित तौर पर 10 लाख की फिरौती की मांग की. तीन दिनों तक उन्हे बंदी बनाकर रखा. इसके बाद जली हुई अवस्था में उनका घायल जले हुए अवस्था मे उनका शरीर महाराष्ट्र के पाल घर स्थित उपरोक्त जंगल से प्राप्त हुआ. अभी तक अस्पष्ट है कि 1500 किलोमीटर दूर चेन्नई से पालघर महाराष्ट्र आखिर सूरज दुबे कैसे गए और महाराष्ट्र पुलिस ने सूरज दुबे की खोज में कोई रुचि क्यों नहीं दिखाई . उन्होंने कहा कि सूरज दूबे की मौत महाराष्ट्र पुलिस की नाकामी को बयां करती है और अनेकों संदेह को पैदा करती है. सांसद ने मृतक के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि वे भारत मां के लाल, जवान सूरज दुबे को वापस तो नहीं ला सकता परंतु उच्च स्तरीय जांच से उनके परिजनों को न्याय दिलाने का कार्य अवश्य करेंगे. बीडी राम ने बताया कि सोमवार को लोकसभा में यदि प्रश्नकाल के दौरान समय मिलेगा तो वे सीबीआई जांच करवाने का मांग लोकसभा में भी उठाएंगे, ताकि पलामू के लाल सूरज दुबे के परिजनों को न्याय मिल सके.
इधर, पलामू जिले में मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर तिरंगा के साथ कैंडल मार्च भी निकाला.

