जावेद अख्तर,
गोड्डा: कहा जाता हैं मां के पैरों तले स्वर्ग (जन्नत) है. जिन्होंने अपने कोख से जन्म दिया अगर बेटा मां के साथ गलत दुर्व्यवहार करे तो मां को कितना दर्द होगा और कैसा लगेगा.
ऐसा ही मामला महागामा अनुमण्डल अंतर्गत हनवारा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत परसा की है. मोस्मात जैबुन निशा उम्र 70 पति स्व० नईम अहमद ने हनवारा थाना में लिखित आवेदन दिया है. उसमें कहा गया है कि मेरे पति एक सरकारी निवृत शिक्षक थे जिनकी मृत्यू करीब सात माह पहले हो गई. जब से मेरे पति की मृत्यु हुई है तभी से मेरे पुत्र रज्जाक अहमद उम्र 45 वर्ष ने मेरे पति का पेंशन सम्बन्धी सभी आवश्यक कागजात अपने पास रख लिया है और मुझे खाना पीना भी नहीं देता हैं जिससे मैं वृद्ध असहाय महिला दर दर भटक रहीं हूं.
अपना जीवन यापन अपने पुत्री शगूफा परवीन के साथ गोड्डा में रहकर कर रही हूं. जब मैं अपने पुत्र से पेंशन सम्बन्धी कागजात मांगती हूं तो मेरे पुत्र रज्जाक गाली गलौज करने लगते हैं तथा मारपीट पर उतारू हो जाते हैं. उन्होंने प्रशासन से अपने बेटा पर उचित कानूनी कारवाई की मांग की है.

