रांची: आर्थिक मामलों के जानकार सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की चाल बताने वाला जी डी पी की वृद्धि दर का आंकड़ा जारी होगा, जिससे यह मालूम हो पायेगा कि आर्थिक सुस्ती का दौर खत्म हो गया या रिकवरी अभी भी दूर है. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय जी डी पी की वृद्धि दर का आधिकारिक आंकड़ा जारी करेगा.
शुक्ला ने बताया कि जुलाई सितम्बर तिमाही में वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रही थी जो 26 तिमाही में न्यूनतम थी और छठवीं लगातार गिरावट थी. देश भर में आर्थिक जानकारों के बीच अनुमानों का सिलसिला जारी है. अच्छी फसल और सरकारी खर्च में इजाफा से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस तिमाही में वृद्धि दर बढ़कर 4.7 फीसदी रहेगी.
एसबीआई के इकोनॉमी रिसर्च डिपार्टमेंट की रिपोर्ट तो जी डी पी में वृद्धि दर पिछली तिमाही के स्तर 4.5 प्रतिशत पर ही रहने की बता रहा है. वहीं ग्लोबल एजेंसी नोमुरा ने तो केरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर भारत की जीडीपी ग्रोथ तीसरी तिमाही में घटाकर 4.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया है.
हालांकि एक अन्य ग्लोबल एजेंसी बार्कलेज ने ग्रोथ रेट के बढ़ने की उम्मीद जताते हुए 5 फीसदी का अनुमान लगाया है. यह उम्मीद की जा सकती है कि गिरावट थमेगी. इस तिमाही में और जीडीपी ग्रोथ 4.5 से 4.7 फीसदी के बीच रहेगी. उन्होंने उम्मीद जतायी कि विकास दर में बढ़ोतरी ज्यादा तो नहीं रहेगी लेकिन गिरावट थम सकती है.

