पत्रकार का बेटा बनना चाहता है गैंगस्टर,मृतक की बहन को दी थी धमकी
डीआईजी एसपी पहुंचे बोचो गांव, किया जांच
स्थानीय युवक के ट्वीट पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान
हजारीबाग: सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने से आहत छात्रा की आत्महत्या मामले में राज्य स्तर से लेकर केंद्र स्तर तक पहुंच गया है. स्थानीय युवक सूरज कुमार की ट्वीट पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है. वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे गंभीरता से लिया है. डीजीपी एमबी राव ने ट्वीट कर एसपी को सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया है. दिल्ली से लेकर रांची तक मामला तुल पकड़ लिए जाने के बाद उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल रेंज के डीआईजी अमोल बेनू कांत होमकर मामले की जांच करने मंगलवार को अपराहन तीन बजे मुफस्सिल थाना के बोचो गांव पहुंचे. उनके साथ एसपी कार्तिके एस ,सदर एसडीपीओ कमल किशोर मुफस्सिल थाना प्रभारी नीरज कुमार भी थे. डीआईजी ने मृतक छात्रा के माता-पिता और परिजनों से मिले. घटना पर दुख जताया छात्रा ने जहां आत्महत्या की थी उस कमरे को देखा छात्रा के पिता द्वारका प्रसाद से घटना को लेकर पूछताछ की छात्रा के आत्महत्या के बाद सबसे पहले किसने देखा दरवाजा तोड़ने के समय कौन-कौन से लोग मौजूद थे. छात्रा ने कब-कब शिकायत दर्ज कराई थी. पूछताछ के दौरान परिजनों के दहाड़ मार कर रोने की आवाज सब को विचलित कर दे रही थी.
आई एम सॉरी पापा छोड़कर जाना नहीं चाहती…बेटी के आखिरी शब्द गूंज रहा माता-पिता के जेहन में
मृतक छात्रा के माता-पिता ने कहा कि मेरी बेटी तो चली गई. लेकिन सुसाइड नोट में जो उसने लिखा है आई एम सॉरी पापा. मैं आप सब को छोड़कर नहीं जाना चाहती. यह बात भूल नहीं पा रहा हूं. इसी बात पर रुलाई आती है. कलेजा फटने लगता है. वह कहते हैं कि बेटी ने मजबूरी में जान दी है. लड़कों ने मजबूर कर दिया था. उसके मर जाने के बाद बेटी को इंसाफ मिले प्रशासन से यही अनुग्रह विनती है. दोनों के बयान में पुलिस की सुस्ती से बेटी की जान जाने का दर्द बार बार सामने आ जाता है.
पुलिस की सुस्ती से गई युवती की गई जान
पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाते कहा कि उनकी बेटी ने 16 सितंबर के पहले भी आवेदन दिया था. लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई. बाद में 16 सितंबर को मुफस्सिल थाना में आवेदन देने पर मामला रजिस्टर्ड किया गया. इसमें एक आरोपी को पकड़ा गया. परंतु दूसरा आरोपी को पुलिस की लापरवाही से बेल मिल गया. पुलिस अगर आरोपियों के साथ शुरू से ही सख्ती बरतती, तो आरोपियों में इतनी हिम्मत नहीं होती कि वे 18 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर उनकी बेटी का अश्लील फोटो और वीडियो डालते. आरोपी उनकी बेटी को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देते रहें. एसिड फेंक कर चेहरा बर्बाद करने धमकी देकर मानसिक रूप से टॉर्चर करते रहे. साथ में आत्महत्या के लिए उकसाते भी रहे. पुलिस की लापरवाही से आत्महत्या की घटना घटी है. कहा कि जिस दारोगा ने 15 दिन बाद एसपी के कहने पर एफआईआर किया वो कार्रवाई भला क्या करता? .उसकी मंशा शुरू से आरोपियों के प्रति नरम रहा जिसका परिणाम मेरी बेटी की मौत के रूप में सामने आया.
पत्रकार का बेटा आईएएस-आईपीएस नही, बनना चाहता हैं गैंगस्टर
धमकी का रिकॉर्डिंग उपलब्ध
मृतक युवती को आत्महत्या करने पर मजबूर करने वाले जिन युवकों का नाम आ रहा है वो जिगरी दोस्त हैं .
मुख्य आरोपी के पिता ब्रह्मदेव साव का की हत्या माओवादियों द्वारा केरेडारी के बेलतु में झारखंड के पहले नरसंहार में हुआ था . वहीं उसके करीबी दोस्त बड़कागांव से दैनिक जागरण के पत्रकार उमेश दांगी का बेटा है. उसी ने मृतक की छोटी बहन को धमकी देते ब्लैकमेल का प्रयास किया था. यह जानकारी मृतक छात्रा के एक भाई ने दी. उसने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपी उनकी छोटी बहन को मोबाइल पर उनकी दीदी का अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे. इसका रिकॉर्डिंग कर पुलिस को दिया था. लेकिन कोई कार्रवाई नही हुआ . पत्रकार के बेटे ने मृतक युवती की छोटी बहन को कहा था कि हमको आईएएस-आईपीएस नही गैंगस्टर बनना है. मंजीत मेरा जिगरी दोस्त है . हमने साथ जीने मरने की कसमें खाई हैं.


