रांची: झारखंड में पंचायत चुनाव दिसंबर के महीने में प्रस्तावित था. नवंबर महीने में ही मुखिया, वार्ड सदस्य, जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. कोरोना के कारण चुनाव की तैयारियां पूरी नहीं हो सकी है, इसलिए चुनाव टलना तय है. चुनाव से पहले चुनाव आयोग को क्षेत्र का परिसीमन करना है. इसके अतिरिक्त वोटर लिस्ट में सुधार भी करना है. इस प्रक्रिया में छह महीने का समय लग सकता है.
नवंबर महीने में मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने से उनकी शक्तियां समाप्त हो जाएगी. पंचायतों में विकास कार्यों की जिम्मेवारी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के जिम्मे होगा.
राज्य निर्वाचन आयुक्त एस एन पांडेय इस वर्ष जुलाई में सेवानिवृत्त हो चुके है. उसके बाद नए निर्वाचन आयुक्त का पद भी रिक्त है.

