रांची: आपके घर से कोई यात्रा के लिए निकलता है और आप की धड़कनें बढ़ जाती हैं. आप उनकी मंगल कामना करते हैं. दही खिला कर घर से भेजते हैं .ईश्वर से मनौतियां मानते हैं. क्योंकि यह कोरोना समय है. ऐसे में हमारे वाणिज्य विभाग के कर्मचारी जिन्हें यात्री सुविधा की देखरेख का जिम्मा मिला है, दिन रात कोरोना योद्धा की तरह काम कर रहे हैं.
जब वे ड्यूटी पर जाते हैं तो उनके परिवार के लोग भी ठीक आप ही की तरह उनकी सुरक्षा को लेकर डरे होते हैं. वह स्टेशनों के प्रवेश द्वार पर यात्रियों का टिकट चेक कर रहे हैं. उनका परिचय पत्र देख कर रहे हैं. उन्होंने मास्क पहना है या नहीं यह देख रहे हैं. अगर उनके पास मास्क नहीं है तो उसे मुहैया करा रहे हैं. इसके बाद हर एक यात्री को स्टेशन पर रखे कुर्सियों में बैठने का आग्रह कर रहे हैं. जब ट्रेन आती है तो यात्रियों को रेल सुरक्षा बल के जवानों के सहयोग से क्यू बना कर बोगी से उतारकर क्यू बनाकर उन्हें निकास द्वार से बाहर तक पहुंचा रहे हैं.
इसके साथ ही यात्रा प्रारंभ करने वाले यात्रियों को ट्रेन सैनिटाइज होने के बाद उनकी बोगी तक चढ़ा रहे हैं. अब तक जितनी भी श्रमिक स्पेशल ट्रेन आई हैं, उन सभी में वाणिज्य विभाग के वाणिज्य निरीक्षकों ने तत्परता पूर्वक आईआरसीटीसी के सहयोग से सभी यात्रियों को फूड पैकेट और पानी मुहैया कराया है. इतनी कम समय ट्रेन रूकती है, उसी में हर एक बोगी तक दौड़ दौड़ कर पहुंचना और हर व्यक्ति तक भोजन और पानी पहुंचाने को तत्पर होना इनका काम है और ये उसे बहुत खुशी और उत्साह के साथ निभा रहे हैं.
इसके अलावा भी कोई कोई यात्री कुछ अन्य प्रकार की सुविधाएं भी या मदद मांगते हैं. ये लोग पूरी कोशिश करते हैं कि उसे यथासंभव पूरा किया जाए .जैसे कई बार यात्री अपने छोटे बच्चों के लिए दूध आदि की मांग करते हैं. ऐसे में अपनी जेब से भी यात्रियों को मदद करते हैं.
इनको रोज अपने कार्य पर जाना पड़ता है जब जैसी जरूरत हो कभी श्रमिक स्पेशल अल सुबह 4ः00 बजे भोर को आती है, कभी दोपहर में तो कभी देर रात को .इनका परिवार भी इनकी ड्यूटी के समय से खुद को ढाल चुका है और वह लोग भी इनकी ड्यूटी समय से ही उठ जाग रहे हैं. जो दूसरे को खाना पहुंचा रहे हैं उनका अपना कोई समय नहीं है खाने पीने का.
इन दिनों स्टेशनों पर भी स्टॉल बंद है और चाय पीना भी मुश्किल है. सबसे बड़ी मुश्किल तो यह है की इस कोरोना के आतंक के बीच के बीच जहां देशभर के कोरोना प्रभावित राज्यों से श्रमिक आ रहे हैं उनके संपर्क में यह रोज ब रोज रहते हैं उन्हें उतारते हैं ,चढ़ाते हैं . ऐसे में इनका खुद को संक्रमणमुक्त रखने के लिए भी काफी सजग रहना होता है.
ये जब भी एक घर जाते हैं तो चाहे देर रात हो या कल सुबह, इन्हें आवश्यक घर के बाहर ही स्नान कर घर में घुसना होता है. बच्चे अपने पिता के पास जाना चाहते हैं पर जा नहीं पाते. वैसे भी स्टाफ है जिनका घर रांची में है, पर वह दूसरे स्टेशन पर ड्यूटी करते हैं, वह कई कई दिन अपने घर नहीं आ पाते.
इन्होंने लॉकडाउन के पहले चरण में गरीब लोगों को भोजन का भी वितरण किया. रांची में दिनेश कुमार,संदीप कुमार,नीरज कुमार सिंह, सुरेश कुमार, हटिया में विकास कुमार,अनुराग कुमार ,मोतीलाल, सचिन कुमार, योगेश मान, उग्रसेन, धीरेंद्र आदि दिन रात काम कर रहे हैं.
रांची मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवनीश ने बताया कि ये बहुत समर्पण और खुशी से दिन रात काम कर रहे हैं. इनके कारण ही हम यात्रियों और श्रमिकों को बढ़िया सेवा दे पा रहे हैं. इन योद्धाओं को सलाम.

