BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

केंद्र से बकाये पर गलतबयानी कर रहा है सत्तापक्ष-भाजपा

by bnnbharat.com
September 3, 2020
in समाचार
भाजपा नेता के छोटे भाई का निधन
Share on FacebookShare on Twitter

रांची. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षड़ंगी ने कहा है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति  में केंद्र सरकार के द्वारा सौतेला व्यवहार करने का आरोप पूरी तरह से निराधार है और ये सरकार में बैठे लोगों की जानकारी के अभाव की ओर इशारा  करता है. 

उन्होंने कहा कि  राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति की परंपरा  एक अंतरिम व्यवस्था जिसकी समय सीमा तय.उसके बाद राज्य को अपनी व्यवस्था बेहतर करनी होगी.  देश में जितने राज्य हैं केंद्र सरकार की ज़िम्मेदारी सभी राज्यों के लिए हैं और जीएसटी ेकाउंसिल की बैठक में इन सभी विषयों पर विचार होता है. कोविड 19 के कारण उत्पन्न हुई ये परिस्थितियां असाधारण है और इसलिए इसकी चुनौतियां भी असाधारण है जिसे संघीय ढांचे के अनुरूप केंद्र और राज्य दोनों की सरकारों को मिलकर सामना करना है. देश में 2,35,000 करोड़ का जो ळेज ेवतजिंसस हुआ है उसमे 1,38,000 करोड़ राज्यों  के राजस्व पर नुक़सान सिर्फ कोविड 19 के कारण हुआ है व 97,000 करोड ही ळेज क्रियान्वयन के कारण हुआ है. लक्सरी पदार्थों व कई अन्य सामानों पर लगने वाले बवउचमदेंजपवद बमे की सीमा बढ़ाकर  2022 तक की जा रही है. 

जहाँ तक जीएसटी के कारण राज्य को राजस्व हानि होने की बात है तो उसके लिए भी स्वतंत्र रूप से राज्य सरकारें मार्केट से लोन ले सकती है या रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया स्पेशल विंडो से भी राज्य सरकारें लोन ले सकती है. संभव है कि केन्द्र सरकार इसकी गारंटी लेने का भी निर्णय ले. इसलिए जल्दबाज़ी में और हड़बड़ी में नकारात्मक सोच के साथ आरोप प्रत्यारोप लगाने से राज्य में राजस्व की वृद्धि नहीं होगी. यहाँ कि राज्य सरकार को चाहिए कि अपने आंतरिक संसाधनों के उपयोग की और टैक्स संग्रह की व्यवस्था को सुदृढ करके राज्य के राजस्व व्यवस्था को मज़बूत करें. 

राज्य में आर्थिक गतिविधियां ठप हैं. उद्योगों का पलायन हो रहा है, नक्सली गतिविधियां चरम पर हैं, लचर क़ानून व्यव्सथा और बेरोज़गारी के नए रिकॉर्ड क़ायम हो रहे हैं और राज्य पक्का अपनी कमजोरी को केंद्र पर डालकर पल्ला झाड़ना चाह रही है. इससे राज्य सरकार को राजस्व का लाभ नहीं होगा. 

राज्यों को केंद्र द्वारा ळैज् के कारण होने वाले क्षति  को बवउचमदेंजम करने की जो व्यवस्था है वो संवैधानिक रूप से भी एक अंतरिम व्यवस्था है जो कुछ दिनों के बाद ख़त्म हो जाएगी. तब राज्यों को उसी तरह अपना हिस्सा मिलेगा जैसा उनका ळैज् कोष में योगदान होगा. तब ये बहानेबाज़ी नहीं चलेगी. इसलिए राज्य सरकार अपना कर्तव्य ठीक तरीक़े से करे. भाजपा के सभी सांसद अपनी ज़िम्मेदारी समझते हैं और केंद्र सरकार बिलकुल सही तरीक़े से विषय पर नज़र बनाए हुए हैं और सही समय पर राज्य के राजस्व अधिकार के विषय पर सही निर्णय होगा और राज्य के साथ सौतेला व्यवहार जैसे आरोप सिर्फ़ ओछी राजनीति से प्रेरित हैं.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

असीम विक्रांत मिंज धनबाद के एसएसपी होंगे

Next Post

बीओआई के खाता से हैकरों ने उड़ाए 59000 रुपए

Next Post

बीओआई के खाता से हैकरों ने उड़ाए 59000 रुपए

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d