रांची: ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड झारखंड के चेयरमैन सह अंजुमन जाफरिया के संरक्षक सह मस्जिद जाफरिया रांची के इमाम व खतीब हजरत मौलाना हाजी सैयद तहजिबुल हसन रिजवी ने निर्णय लिया कि इस वर्ष शिया समुदाय का मातमी जुलूस नहीं निकाला जाएगा.
मौलाना के इस निर्णय को अंजुमन जाफरिया के अध्यक्ष, सचिव ने स्वागत किया है. मौलाना तहजिबुल ने कहा कि इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने को मोहर्रम कहा जाता है मोहर्रम की 10 तारी ख सन 61 हिजरी को नवासे रसूल हजरत इमामे हुसैन को कर्बला में 3 दिन का भूखा प्यासा 72 साथियों के साथ शहीद कर दिया गया था. इसी याद में पूरी दुनिया में शहादत ए इमामे हुसैन का गममनाया जाता है.
इस वर्ष का मुहर्रम कोरोना वायरस की वजह कर लॉकडाउन में पड़ रहा है. सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए शिया मुसलमानों ने मौलाना सैयद तहजीब उल हसन रिजवी की सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि मोहर्रम में निकाले जाने वाले मातमी जुलूस को स्थगित रखा जाएगा.
याद रहे कि रांची में मोहर्रम के अवसर पर तीन दिवसीय माध्यमिक जुलूस निकाला जाता है. आठवीं, नवमी, दसवीं को 21 अगस्त से 30 अगस्त तक मजलिस जिक्रे शहादत का आयोजन सोशल डिस्टेंस वह गाइडलाइन का पालन करते हुए ऑनलाइन रात्रि या 8:00 बजे से 9:30 बजे तक किया जाएगा. जिसमें सीमित लोग ही जमा होंगे मास्क, सैनिटाइजर अनिवार्य होगा.
मजलिस को मौलाना सैयद तहजीब उल हसन रिजवी इमाम खतीब मस्जिद ए जफरिया रांची संबोधित करेंगे, जिसमें इमामे हुसैन के जीवन पर प्रकाश डालेंगे.
मौलाना रिजवी ने बताया कि 10 मोहर्रम को शिया मुसलमान अपने घरों में उस वक्त तक चूल्हा नहीं जलाते, जब तक ताबूत और आलम कर्बला ले जाकर दफना कर जब वापस आते हैं तभी उनके घरों में चूल्हा जलाया जाता है.
लॉकडाउन और सरकार की गाइडलाइन को देखते हुए इस वर्ष 10 मोहर्रम को सीमित लोग सोशल डिस्टेंस के साथ अल मऔर ताबूत ले जाकर कर्बला चौक स्थित कर्बला पर दफन कर देंगे.
इस कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन जफरिया रांची के तत्वाधान में किया जाएगा. मजलिस के आयोजक स्वर्गीय सैयद यावर हुसैन, स्वर्गीय सैयद हाजी अजहर हुसैन, सैयद अंजार हुसैन नकवी, डॉक्टर सैयद शमीम हैदर, डॉक्टर एस एम अब्बास, सैयद हसन अली फातमी, सैयद अमीर हुसैन रिजवी, सय्यद जावेद हैदर, सैयद जाफर हुसैन, सैयद अबुल हसन, सैयद अनीस अहमद, कासिम अली, स्वर्गीय मोहसिन हुसैन, सैयद शकील हैदर द्वारा किया जाएगा.
मजलिस में सोज खानी सैयद आता इमाम रिजवी द्वारा की जाएगी. कलाम पेश करेंगे आमोद अब्बास हसनैन अली आगा जफर कलाम पेश करेंगे जुलूस के संबंध में अपने फैसले से मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को अवगत कराएंगे.

