BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

जो हाल कांग्रेस का वही झामुमो का भी, दोनों दलों के विधायकों में दिख रही बेचैनी

by bnnbharat.com
January 23, 2020
in Uncategorized
जो हाल कांग्रेस का वही झामुमो का भी, दोनों दलों के विधायकों में दिख रही बेचैनी

जो हाल कांग्रेस का वही झामुमो का भी, दोनों दलों के विधायकों में दिख रही बेचैनी

Share on FacebookShare on Twitter

खास बातें:

  • अंदर ही अंदर नजर आ रही नराजगी, बर्थ नहीं मिलने से कांग्रेस-झामुमो के कई विधायक असमंस में

  • 24 जनवरी को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सत्तापक्ष के सदस्यों में खासी बेचैनी

  • जेएमएम के 28 में से एक दर्जन से अधिक विधायक मंत्री पद की दौड़ में हैं शामिल

  • कांग्रेस के आधा दर्जन विधायक भी मंत्री पद पाने के लिए कर रहे लॉबिंग

रांची: झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार बने 25 दिन बीत चुके है, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार का काम अब तक अधूरा है, वहीं 24 जनवरी को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी सत्तापक्ष के सदस्यों में खासी बेचैनी देखी जा रही है.

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार झारखंड मुक्ति मोर्चा के 28 में से एक दर्जन से अधिक विधायक मंत्री पद की दौड़ में शामिल है. इनमें से कई झामुमो विधायक तीन से चार बार चुनाव जीत चुके है और उन्हें उम्मीद है कि उन्हें हेमंत मंत्रिमंडल में स्थान जरूर मिलेगा. इनमें से कई कद्दावर विधायक ऐसे है, जो पार्टी के अलावा अपने जनाधार के बलबूते फिर से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे है, ऐसे में उन्हें यदि मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलता है, तो फिर उनकी नाराजगी सार्वजनिक भी हो सकती है. झामुमो के एक वरिष्ठ विधायक ने बताया कि उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान जरूर मिलेगा, लेकिन इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष कोई पैरवी या अपनी बात नहीं रखी, किन्तु उन्हें मंत्रिपरिषद में स्थान जरूर मिलेगा.

कांग्रेस के अंदर भी नराजगी

कांग्रेस में भी स्थिति इसी प्रकार की है, इस बार पार्टी के 16 विधायक चुनाव जीत कर आये है, जिनमें विधायक दल के नेता और प्रदेष अध्यक्ष को मंत्रिमंडल में स्थान मिल चुका है, लेकिन पार्टी के शेष बचे एक दर्जन विधायकों में से आधा दर्जन विधायक मंत्री पद पाने के लिए लॉबिंग में जुटे है, इनमें से कई विधायक ऐसे है, जो कांग्रेस पार्टी के वोट बैंक से अधिक अपने प्रभाव से चुनाव जीत कर आये है. इनमें से सिर्फ दो या तीन विधायकों को ही मंत्री बनाया जाना संभव है, जिसके बाद कांग्रेस के अंदर भी नाराजगी के स्वर उभरने के साफ संकेत मिलने लगे है.

बीजेपी की भी अलग है रणनीति

दूसरी तरफ भाजपा ने भी रणनीति के तहत अब तक विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं किया है, वहीं झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी की पूरी पार्टी की भाजपा में विलय का अटकल तेज है, ऐसी स्थिति भाजपा आदिवासी चेहरे के रूप में बाबूलाल मरांडी को आगे कर हेमंत सोरेन सरकार के समक्ष चुनौती उत्पन्न कर सकती है और झामुमो-कांग्रेस के आठ-दस विधायक नाराज होते है, तो सरकार की स्थिरता भी खतरे में पड़ सकती है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

25 दिनों में ही हेमंत सरकार ने अराजकता की हद पार कर दी, ऐसे में चुप नहीं बैठेगी भाजपा: गिलुवा

Next Post

बुनियादी सुविधाओं का रखा जाए विशेष ख्याल: उपायुक्त

Next Post
बुनियादी सुविधाओं का रखा जाए विशेष ख्याल: उपायुक्त

बुनियादी सुविधाओं का रखा जाए विशेष ख्याल: उपायुक्त

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d