ब्यूरो चीफ,
रांची: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की नयी कार्यकारिणी के चुनाव में झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष को वोट देने का अधिकार मिलेगा अथवा नहीं, इस पर अब भी संशय बनी हुई है. बीसीसीआइ के आधिकारिक वेबसाइट में दिखाया जा रहा है कि जेएससीए ने राज्य के लिस्ट ऑफ वोटिंग मेंबर्स और लिस्ट ऑफ नन वोटिंग मेंबर्स की सूची कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर (सीओए) को नहीं सौंपी है. सीओए ने सभी खेल संघों से 4 अक्टूबर तक इस पर रिपोर्ट मांगी थी. सीओए ने 9 अक्टूबर को महाराष्ट्र, तमिलनाडू और हरियाणा स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई के चुनाव में भाग लेने से अयोग्य कर दिया है. सीओए के अध्यक्ष विनोद राय के अलावा कमेटी में डायना एडुलजी और लेफ्टिनेट जनरल रवि थोगे सदस्य हैं.
सीओए ने 23 अक्टूबर को बीसीसीआई के चुनाव के पूर्व वार्षिक आम सभा बुलायी है. इससे पहले 10 अक्टूबर को औपबंधिक मतदाता सूची में शामिल राज्य क्रिकेट संगठनों के नाम पर वोट देने के अधिकार को लेकर अंतिम फैसला लिया जायेगा. जेएससीए समेत अन्य राज्यों के संगठनों के अध्यक्षों से सात अक्टूबर तक रिपोर्ट मांगा गया था. सुप्रीम कोर्ट और लोढ़ा कमीटी की सिफारिशों के अनुपालन पर यह रिपोर्ट मांगी गयी थी. सीओए की तरफ से चार अक्तूबर तक की मोहलत सभी राज्य संगठनों को दी गयी थी. 4 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट भेजने का निर्देश भी दिया गया था. सीओए ने 10 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट और नये संविधान से चुनाव कराने की समीक्षा करने के बाद ही राज्य के संगठनों को एजीएम में शामिल होने का मौका देने की बातें कही थीं. इतना ही नहीं एजीएम में जिन संगठनों को नहीं बुलाया जायेगा, उन्हें बीसीसीआई के चुनाव में हिस्सा नहीं लेने दिया जायेगा.

