BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

सरदार पटेल के सरदार बनने की कहानी समर्पण और मजबूत इरादों के धागे से बनी हुई हैः रामेश्वर उरांव

by bnnbharat.com
October 3, 2020
in समाचार
भाजपा ने सत्ता हथियाने के लिए सभी हदे पार की: डॉ. रामेश्वर उरांव
Share on FacebookShare on Twitter

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह खाद्य आपूर्ति एवं वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि एक सफल बैरिस्टर सरदार वल्लभ भाई पटेल की सरदार बनने की कहानी समर्पण और मजबूत इरादों के धागे से बनी हुई है. स

रदार बनना इतना आसान नहीं था, उसके लिए जरूरी था शानदार वकालत को छोड़ने का साहस जो पटेल साहब ने ही दिखाए. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव आज राष्ट्र निर्माण की अपने महान विरासत कांग्रेस की श्रृंखला धरोहर की 15वीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया व्हाट्सएप इंस्टाग्राम फेसबुक एवं ट्विटर पर जारी पोस्ट को शेयर करने के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे.

डॉ उरांव ने कहा कि इंग्लैंड से कानून की पढ़ाई पूरी करके 1913 में भारत लौटे सरदार वल्लभभाई पटेल गुजरात के सबसे प्रसिद्ध वकील थे. 1917 में प्लेग संकट में पटेल साहब उस प्रवृत्ति को त्यागते हुए अहमदाबाद मुंसिपालिटी बोर्ड के सदस्य के साथी स्वच्छता समिति के चेयरमैन का दायित्व चुने गए.

उस महामारी के दौरान पटेल साहब खुद जनता की सहायता के लिए अहमदाबाद की सड़कों पर उतर गए, नालियों की सफाई और दवा के छिड़काव पर बारीकी से नजर रखने लगे, हालांकि इससे पहले पटेल प्लेग के शिकार भी हो चुके थे, लेकिन अपने पद की जिम्मेदारी के भाव ने उनको जनता के दुख दर्द में शामिल कर दिया.

उस समय की बारी में हरिजन पत्रिका के 10 फरवरी 1951 के अंक में पालन करते हैं. पटेल की आंखें कहती हैं मैंने स्वच्छता समिति के चेयरमैन का दायित्व दिया है, अगर मैं अपने पद का दायित्व छोड़ता हूं, तो यह लोगों के साथ विश्वासघात होगा.

मैं बचाव में जुटे सफाई कर्मचारियों को यहां प्लेग के जोखिम में छोड़कर अपनी सुरक्षा के लिए कैसे भाग सकता हूं. इसी बीच चंपारण सत्याग्रह की सफलता से गांधी जी की लोकप्रियता चरम पर थी, ऐसे में गांधीजी को गुजरात सभा के अध्यक्ष पद पर चुना गया तो गांधीजी के निवेदन पर ही सरदार पटेल ने गुजरात सभा में सेक्रेटरी के रुप में सक्रिय राजनीति में कदम रखा.

आगे चलकर 1920 में सरदार पटेल गुजरात कांग्रेस के पहले अध्यक्ष बने. प्लेग संकट में तो पटेल साहब की नेतृत्व झलक मात्र थी, अभी मील के कई पत्थर गाड़ने बाकी थे, अभी तो पटेल साहब की लौह इरादों से ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलनी बाकी थी.

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में पटेल को याद करना अहम हैः आलमगीर

कांग्रेस विधायक दल नेता आलमगीर आलम ने कांग्रेस की धरोहर पन्द्रहवीं वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक ट्विटर व्हाट्सएप इंस्टाग्राम पर जारी करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में पटेल को याद करना अहम है कि उन्होंने प्लेग फैलने पर किस तरह के कदम उठाए थे और किस तरह अदम्य साहस का परिचय दिया.

दिसंबर 1917 में अहमदाबाद में प्लेग फैल गया, स्कूल कचहरी बंद हो गए और ढेर सारे लोग शहर छोड़कर चले गए. अहमदाबाद की ख्याति वहां के कपड़ा उद्योग के कारण थी, पटेल उस समय गांधी के प्रभाव में आ चुके थे ,उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा की अनदेखी करते हुए शहर छोड़ने से इंकार कर दिया और अहमदाबाद की गलियों में सीवर की सफाई कराते और प्लेटग प्रभावित इलाकों में दवाओं का छिड़काव कराते थे जो राजनीति एवं सेवाभाव की एक अद्भुत मिसाल थी.

झारखंड सरकार में कांग्रेस के मंत्री बादल पत्रलेख एवं बन्ना गुप्ता ने धरोहर वीडियो को जारी करते हुए कहा कि अहमदाबाद प्लेग के दौरान पटेल की सेहत पर भी बुरा असर पड़ा, लेकिन यह पहला मौका था जब उनकी नेतृत्व क्षमता से लोग प्रभावित हुए. जब सूट बूट और फराटे दार अंग्रेजी बोलने वाले पटेल ने गांधी के आकर्षण में राजनीति में ना आने की अपनी कसम तोड़ते हुए गुजरात सभा के सेक्रेटरी के रूप में राजनीति में कदम रखाऋ कांग्रेस पार्टी अपने बुजुर्गों और देश के लिए किए गए कार्यों को कभी जीते जी भूल नहीं सकती, आजादी पाने के लिए हमारे महान विभूतियों ने जो कुर्बानियां और बलिदान दी हैं इस धरोहर वीडियो के माध्यम से देश की जनता देख रही है .

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से धरोहर वीडियो की पन्द्रहवीं एपिसोड को झारखंड की जनता के नाम समर्पित करते हुए कहा है कि पटेल जनता के साथ देश की सेवा में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी.

इससे वर्तमान भारत के समाजसेवी और नेताओं को सीखने की जरूरत है, पटेल के व्यवहार को मूर्त रूप देकर न सिर्फ प्लेग और कोविड जैसी प्राकृतिक आपदाओं से लड़ा और जीता जा सकता है बल्कि देश को भी प्रगति के पथ पर लाया जा सकता है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

सरकारी अस्पताल में दवाइयां नदारद, मरीजों को प्राइवेट दुकानों से दवा खरीदने को किया जाता है बाध्य

Next Post

आम्रपाली बचाओ को ले विस्थापित व भू-रैयत हो रहे हैं मुखर

Next Post
आम्रपाली बचाओ को ले विस्थापित व भू-रैयत हो रहे हैं मुखर

आम्रपाली बचाओ को ले विस्थापित व भू-रैयत हो रहे हैं मुखर

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d