नई दिल्ली: 26 जनवरी को रक्षा मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले राज्यों की झांकियों का चुनाव कर लिया है. इसमें मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां शामिल हैं. चुनी हुई झांकियां राजपथ पर दिखाई देंगी. इस बार देशावासियों को पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की झांकी देखने को नहीं मिलेगी. आपको बता दे की , केंद्र सरकार ने इन दोनों राज्यों की झांकियों के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है.
राजपथ पर इन झांकियों का देख सकेंगे लोग
उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने वाला विभाग
पेयजल और स्वच्छता विभाग
वित्तीय सेवाओं का विभाग
एनडीआरएफ, गृह मंत्रालय
सीपीडब्ल्यूडी, आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय
जहाजरानी मंत्रालय
आंध्र प्रदेश
असम
छत्तीसगढ़
गोवा
गुजरात
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
कर्नाटक
मध्यप्रदेश
मेघालय
ओडिशा
पंजाब
राजस्थान
तमिलनाडु
तेलंगाना
उत्तर प्रदेश
पेयजल और स्वच्छता विभाग
वित्तीय सेवाओं का विभाग
एनडीआरएफ, गृह मंत्रालय
सीपीडब्ल्यूडी, आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय
जहाजरानी मंत्रालय
आंध्र प्रदेश
असम
छत्तीसगढ़
गोवा
गुजरात
हिमाचल प्रदेश
जम्मू और कश्मीर
कर्नाटक
मध्यप्रदेश
मेघालय
ओडिशा
पंजाब
राजस्थान
तमिलनाडु
तेलंगाना
उत्तर प्रदेश
अपनी सिफारिश विशेषज्ञ समिति रक्षा मंत्रालय को सौंपती है
गणतंत्र दिवस परेड के लिए राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं. झांकियों का चयन एक विशेष समिति द्वारा किया जाता है, जिसमें कला, संस्कृति, चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, वास्तुकला और नृत्यकला से संबंधित लोग शामिल होते हैं. यह समिति प्रस्तावों पर विचार कर अपनी सिफारिशों को रक्षा मंत्रालय को सौंपती है. समय की बाध्यता को देखते हुए सीमित संख्या में ही झांकियों का चयन होता है.
पश्चिम बंगाल की झांकी 2018 में भी नहीं हुई थी शामिल
पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को लेकर लगातार टकराव हो रहा है. माना जा रहा है कि गणतंत्र दिवस परेड में बंगाल की झांकी को शामिल ना किए जाने से दोनों सरकारों के बीच टकराव बढ़ सकता है. 2018 में भी बंगाल की झांकी परेड में शामिल नहीं की गई थी और उसके प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था.

