रांची: रांची के उपायुक्त ने गुरुनानक स्थित कंट्रोल रूम में कार्यरत एक मरीज के कोरोना संक्रमित मरीज मामले में स्थिति साफ करते हुए बताया कि होने के मामले में स्थिति साफ करते हुए बताया कि वह मजदूर कभी क्वॉरेंटाइन में था ही नहीं. वह शेल्टर होम में था. रांची जिले में करीब 15 शेल्टर होम चलाए जा रहे हैं.
स्वास्थ्य कर्मियों के होटल में क्वॉरेंटाइन किए जाने की खबर जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन ना किए जाने की बात कही गई थी उसपर ने कहा कि दरअसल सभी को अलग-अलग कमरे उपलब्ध कराए गए थे.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रतिनिधियों से उपायुक्त ने कहा कि किसी भी मामले को लेकर उस जिला प्रशासन का पक्ष ले और उसके बाद खबर प्रकाशित या प्रसारित करें, ताकि लोग पैनिक ना हो.
लोगों के ठीक होने का अनुपात अच्छा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपायुक्त जिला दंडाधिकारी ने बताया कि करो ना पॉजिटिव पाए गए मरीजों के ठीक होने का अनुपात रांची जिले में अच्छा है और आगे भी हम ऐसा ही उम्मीद करते हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि हिंदपीढ़ी इलाके को काँटेन्मेंट जोन बनाया गया है. भौगोलिक स्थिति को देखकर काँटेन्मेंट जोन बनाया जाता है. लॉक डाउन का उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है. 14 पेट्रोलिंग पीसीआर काँटेन्मेंट जोन में गश्ती कर रही है. अन्य मामलों में माइक्रो काँटेन्मेंट ज़ोन बनाया गया जो वहां की भौगोलिक दृष्टि को ध्यान में रखकर बनाया गया है. उन्होंने बताया कि 28 ऐसे पायंट्स को चिन्हित किया गया है। जहां से की लोग अन्य जिला में प्रवेश कर सकते हैं उन जगहों पर विशेष निगरानी की जा रही है.
लोगों से अपील
एसएसपी ने रांची के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वह अपने घरों में रहें। लॉकडाउन उल्लंघन में सख्त कार्रवाई की जा रही है. सरकारी पदाधिकारियों द्वारा प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत 5 साल तक की सजा हो सकती है. जिला प्रशासन कड़ाई और कठोर कार्रवाई के लिए बाध्य होग. आम जन अपने विवेक का इस्तेमाल कर इस लॉकडाउन को सफल बनाने में जिला प्रशासन का सहयोग करें. लोग अनावश्यक रूप से सड़कों पर बिल्कुल न आएं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची ने बताया कि सदर अनुमंडल में 14 और बुंडू में एक माइक्रो कंटेनमेंट जोन हैं. हिंदपीढ़ी के लोगों की डायरेक्ट कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा रही है. साथ ही साथ इनडाइरेक्ट कॉन्टैक्ट में आए लोगों की भी ट्रेसिंग की जा रही है. उन्होंने कहा कि हिंदपीढ़ी का केस केवल एक समुदाय से जुड़ा हुआ नहीं है, बड़ा काँटेन्मेंट ज़ोन है हिंदपीढ़ी.
शहर में जो भी माइक्रो काँटेन्मेंट ज़ोन बनाए गए हैं. उस ज़ोन की भी सभी दुकान बंद रहेंगे. सभी लोगों का आना जाना बंद रहेगा. अतिआवश्यक मेडिकल कार्य हेतु अनुमति लेकर ही आवागमन की सुविधा दी जा सकती है. बफर जोन में आवागमन की चेकिंग की जाएगी.

