रांचीः झारखंड हाई कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव, रांची के उपायुक्त, रिम्स निदेशक और सिविल सर्जन अदालत के समक्ष ऑनलाइन हाजिर हुए.
हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले एक साल में रिम्स की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया.
सरकार की तरफ से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि आकस्मिक स्थिति को देखते हुए रांची सदर अस्पताल में तीन सौ ऑक्सीजन बेड का इंतजाम कर दिया गया है. सीटी स्कैन मशीन की खरीददारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
कोर्ट ने मौजूदा स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि रिम्स के डॉक्टर अच्छे हैं, लेकिन यहां बेसिक इक्यूपमेंट नहीं हैं. अब कोर्ट इस जनहित याचिका पर शनिवार को सुनवाई करेगा. कोर्ट ने प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मांगी है.
कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि – “कहां तो तय था चराग़ां हर एक घर के लिए, कहां चराग मयस्सर नहीं शहर के लिए”.

