गणतंत्र दिवस की शाम को एक ड्रोन आरएस पुरा के बल्लू चक बीओपी के पास मिला है. जम्मू से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन मिलने से खलबली मच गई. बीएसएफ ने ड्रोन को कब्जे में लेकर इस मामले में जांच शुरू कर दी है.
जम्मू के आरएस पुरा इलाके में रविवार शाम एक पाकिस्तानी ड्रोन सीमा से सटे खेतों में मिला. सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ की 42वीं बटालियन ने इस ड्रोन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. ड्रोन चीन में निर्मित बताया जा रहा है.
लगातार पाकिस्तान एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिशें कर रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि गणतंत्र दिवस पर पाक सीमा पर घुसपैठ की फिराक में था. जिसके लिए वह ड्रोन की मदद ले रहा था.
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि पंजाब में आईबी के आसपास ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल होता रहा है.अमूमन इसका इस्तेमाल भारतीय लोकेशन की हलचल का पता लगाने के लिए किया जाता रहा है. वहीं, यह इलाके ड्रग्स तस्करी के लिए भी कुख्यात रहे हैं.
राज्य में एलओसी पर अत्याधुनिक रडार
जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर एलओसी पर अत्याधुनिक रडार लगे हैं, जो हवाई निगरानी करते हैं. इसके अलावा घुसपैठ की आशंका के चलते सीमा सुरक्षा बल, सेना व अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं.
स्थानीय लोग भी संदिग्ध आहट पर तत्काल सूचित करते हैं. इस सब के बावजूद ड्रोन से हथियारों की सप्लाई की संभावना को चूंकि पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता. लिहाजा सुरक्षा एजेंसियों को हवाई निगरानी के लिए खास तौर पर अलर्ट रहने को कहा गया है.
कठुआ सीमा से घुसपैठ की फिराक में आतंकी
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले कई महीनों से सीजफायर उल्लंघन के पीछे पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ कराने की मंशा है. कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के ठीक सामने पाकिस्तान के तीन लांचिंग पैड में संदिग्ध मूवमेंट देखी गई है. पाकिस्तान के सुखमल, अभ्याल डोगरा और मंसूर बड़ा भाई के लांचिंग पैड में सुरक्षा एजेंसियों ने करीब दस आंतकियों को घुसपैठ की तैयारी करते देखा है.
इनमें से सुखमल में पांच से छह जबकि अभ्याल डोगरा लांचिंग पैड पर तीन से चार आतंकियों की मूवमेंट देखी गई है. मंसूर बड़ा भाई लांचिंग पैड के पास पाकिस्तानी का एक रेलवे स्टेशन भी है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है.

