नई दिल्ली:- केंद्रीय श्रम एवं रोजगार कल्याण मंत्रालय ने चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के तहत नियमों को अंतिम रूप दे दिया है. लेकिन इनको अमल में लाने के लिए नियमों को नोटिफाई करना जरूरी है. अप्रैल 2021 में सरकार इन्हें नोटिफाई कर सकती है. देश के सबसे व्यापक श्रम सुधारों का असर नियोक्ताओं पर और कर्मचारियों की टेक होम सैलरी दोनों पर पड़ेगा.
सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बड़ा बदलाव
नए नियम लागू होने के बाद से कंपनियां कर्मचारियों के कंपेनसेशन पैकेज/कॉस्ट टू कंपनी (सीटीसी) को रीस्ट्रक्चर करने में प्रेरित होंगीं. कर्मचारियों को सीटीसी में बदलाव करना होगा क्योंकि नए नियमों के अनुसार, सभी भत्ते, जैसे- यात्रा, घर का किराया और ओवरटाइम को सीटीसी के 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकते हैं.

