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इस बार टूटेगी 62 वर्षों की परंपरा, नहीं होगा रावण दहन

by bnnbharat.com
October 20, 2020
in समाचार
इस बार टूटेगी 62 वर्षों की परंपरा, नहीं होगा रावण दहन
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रांची: राजधानी रांची में हर वर्ष रावण दहन का कार्यक्रम होता रहा है. कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए इस बार रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा. झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए रावण दहन के सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन पर रोक लगा दी है. कोरोना महामारी की वजह से रांची में 62 साल के इतिहास में पहली बार रावण दहन का सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा.
बीते साल दशहरा के मौके पर मोरहाबादी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस दौरान 65 फीट के रावण, 60 फीट के कुंभकर्ण और 55 फीट के मेघनाद के पुतलों को जलाया गया था। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. इस साल कोरोना काल में रांची में रावण दहन का कार्यक्रम नहीं होगा.

रांची में रावण दहन का इतिहास पुराना है:

रांची के रिफ्यूजी कैंप में रह रहे 12-15 परिवारों ने विजयादशमी के दिन रावण दहन के साथ पहला दशहरा मनाया. इसके बाद से यह आयोजन धीरे-धीरे वृहत रूप लेने लगा. बढ़ती भीड़ को देखते हुए समय-समय पर आयोजन स्थल में कई बदलाव भी हुए.

वर्ष 1958 में पहली बार रांची में हुआ था रावण दहन:

रांची में रावण दहन का इतिहास काफी पुराना है. वर्ष 1958 में रांची रावण दहन का कार्यक्रम पहली बार शुरू हुआ. सबसे पहले रांची विवि मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम शुरू किया गया. यहां छोटे रूप में कार्यक्रम का आयोजन हुआ. लेकिन, बढ़ती भीड़ को देखते हुए वहां से हटाकर जयपाल सिंह स्टेडियम में खाली जगह थी, वहां आयोजन किया गया. कुछ साल तक यहां आयोजन हुआ इसके बाद गवर्नर हाउस के पास पार्क में रावण दहन का आयोजन किया गया. इसके बाद आयोजन विशाल रूप ले लिया जिस वजह से रावण दहन का कार्यक्रम स्थल बदलकर मोरहाबादी मैदान ले जाया गया.

पुदांग स्‍कुल में भी नहीं होगा रावण दहन:

पुंदाग स्थित समाज के लाला लाजपत राय स्कूल परिसर में ही सात-आठ फीट के रावण का दहन किये जाने का निर्णय पंजाबी हिंदू बिरादरी के पदाधिकारियों ने लिया था. लेकिन, इस वर्ष यहां भी रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा. इसकी पुष्टि पंजाबी हिंदू बिरादरी के अध्यक्ष राजेश खन्ना ने की है. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर यह निर्णय लिया गया है. क्योंकि, जहां भी आयोजन होगा भीड़ होगी. जिससे और परेशानी बढने की संभावना है. इसी वजह से इस वर्ष रावण दहन का कार्यक्रम आयोजन नहीं करने का फैसला लिया गया है. खन्ना ने कहा कि सबकुछ ठीक रहा तो अगले साल धुमधाम से रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा.

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