नई दिल्लीः तीन तलाक मामले को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने वाली सहारनपुर की अतिया साबरी ने बार फिर से जीत हासिल की।कोर्ट ने उसे 13 लाख 44 हजार रुपए का गुजारा भत्ता देने का ऐलान किया है। इतना ही नहीं उसके बाद अब आगे से उसे 21 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण के लिए भत्ता मिलेगा। इस गुजारे भत्ते में अतिया की दोनों नाबालिग बेटी का भी हकदार होंगी.
आपको बता दें कि अतिया ने साल 2015 के 24 नंवबर को कोर्ट में अपने पति वाजिद अली के खिलाफ एक याचिका दाखिल की थी। जिसमें उनसे कहा था कि निकाह के वक्त उन्होंने वाजिद अली के परिवार को कार, जेवर, घऱ के जरुरी समान के साथ ही 25 लाख रुपए भी दिए थे लेकिन उसके बाद भीवो लोग शादी के बाद 20 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। जब मेरे घर वालों ने पैसे नहीं दिए तो उन्होंने उसे जहर देकर मारने की कोशिश की.
जब वाजिद ने उसे जहर दिया तो वो बच गई और अपने माइके आ गई। जिसके बाद वाजिद ने उसे तलाक दे दिया। तलाक मिलने के बाद अतिया ने इस मामले को कोर्ट तक ले जाने की ठानी और वो उसे कोर्ट तक ले गई और कोर्ट से अपने और अपनी दोनों बच्चियों के लिए भरण पोषण भत्ता की मांग की।जिसके बाद अब 22 मार्च को कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अतिया को भत्ता दिया जाएगा इस भत्ते में सबसे पहले 5 साल 4 महीने का भत्ता मिलेगा उसके बाद हर महीने 21 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण के लिए भत्ता मिलेगा.
तीन तलाक मामले में आवाज उठाकर उस उसे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने वाली महिला और कोई नहीं अतिया ही थी। अतिया की वजह से ही देश में तीन तलाक कानून बन पाया.

