पटना: राजधानी पटना में छठ महापर्व की व्यापकता को देखते हुए सिर्फ पटना में गंगा नदी के विभिन्न घाटों पर 7 एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है. आज नहाय खाय के दिन सुबह से ही इन्फलैटेबल मोटर बोट एवं अत्याधुनिक बचाव उपकरणों के साथ एनडीआरएफ की टीमें छठ घाटों पर मुस्तैदी से अपनी सेवा देने में जुटी है जो कि 21 नवम्बर तक रहेगी. टीम उदयीमान सूर्य के अर्ध्य देने तक गंगा नदी के घाटों पर तथा नदी के किनारे बोटों से लगातार श्रद्धालुओं की निगरानी करेगी. ताकि स्नान के दौरान होने वाले किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके.
इस बारे में कमांडेंट विजय सिन्हा ने बताया कि इस साल छठ पर्व में 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के 400 से अधिक बचावकर्मी 104 इन्फलैटेबल मोटर बोटों के साथ दानापुर पीपा पुल घाट से पटना सिटी भट्ठा घाट तक गंगा नदी घाटों पर तैनात की गई है. एनडीआरएफ की टीमें अत्याधुनिक बाढ-बचाव उपकरणों से लैस है.
सभी टीमों में प्रशिक्षित गोताखोर, कुशल तैराक व डीप डाईविंग सेट उपल्ब्ध है. पटना स्थित गांधी घाट में एनडीआरएफ द्वारा टेक हेड क्वार्टर स्थापित किया गया है. सभी टीमों के साथ मेडिकल स्टाफ पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाईयों के साथ मौजूद हैं. गांधी घाट, दीघा घाट पर एनडीआरएफ का मैडिकल कैम्प भी स्थापित किया गया है. इसके अलावा 03 जलीय एम्बुलेंस भी गंगा नदी घाटों के किनारे छठ पूजा के दौरान तैनात की जाएगी ताकि किसी आपात स्थिति में सड़कों पर भीड़ भाड़ या ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर जरूरत मंदों को नदी के रास्ते हॉस्पिटल तक पहुंचाया जा सके.

