रांची: कर वसूली के लिए राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के माध्यम से निकाला गया मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है.जब तक इस मामले में न्यायालय का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता है, तब तक मेसर्स स्पैरो सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से ही रांची नगर निगम में कर वसूली का कार्य कराया जाएगा. नौ जून को ही नगर निगम परिषद की बैठक में एकरारनामा के प्रावधानों को देखते हुए तीन वर्ष के लिए कार्य विस्तार देने का निर्णय लिया गया था.
हाईकोर्ट के माध्यम से पूर्व में ही टिप्पणी की गई थी कि सूडा के माध्यम से किया जा रहा टेंडर कोर्ट के आदेश से प्रभावित होगा. 25 जुलाई को नगर आयुक्त को भी पत्र के माध्यम से यह निर्देश दिया गया है कि जब तक हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक सूडा के माध्यम से चयनित एजेंसी के साथ किसी प्रकार का एकरारनामा न किया जाए. रांची नगर निगम परिषद की बैठक में आंतरिक मामलों से संबंधित निर्णय लेने के लिए सर्वोपरि है.

