BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

टीएमसी ने जारी किया नया चुनावी नारा- बंगाल को अपनी बेटी चाहिए

by bnnbharat.com
February 20, 2021
in समाचार
टीएमसी ने जारी किया नया चुनावी नारा- बंगाल को अपनी बेटी चाहिए
Share on FacebookShare on Twitter

कोलकाताः  पश्चिम बंगाल  में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले बीजेपी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच नारे को लेकर विवाद बढ़ गया है. जय श्री राम के नारे को लेकर राज्ये में चढ़ रही राजनीतिक सरगर्मी के बीच आज तृणमूल कांग्रेस ने अपना नया चुनावी स्लो गन जारी कर दिया है. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि उनका ये स्लोबगन सीधे तौर पर मतदाताओं को टीएमसी की ओर आकर्षित करेगा और पश्चिम बंगाल में एक बार फिर ममता बनर्जी सत्ता  में वापसी करेंगी. चुनाव  को देखते हुए तृणमूल कांग्रेस ने नया चुनावी स्लोगन, ‘बांग्ला नीजेर मेय के ई चाए’ जारी किया है. इस नारे का मतलब है कि बंगाल अपनी बेटी को ही चाहता है. चुनावी सरगर्मी के बीच सुब्रत बख्शी, पार्थ चटर्जी, डेरेक ओ ब्रायन, शुखेंदु शेखृ रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और सुब्रत मुखर्जी ने टीएमसी के इस स्लोगन को जारी किया. टीएमसी के इस स्लोुगन को पूरे राज्यस में लगवाया गया है. बता दें कि ममता का नया स्लोगन बंगाल की बेटी वाले सेंटिमेंट से जुड़ा हुआ है. लंबे समय से बाहरी और भीतरी की राजनीति करते आ रही तृणमूल ने इस स्लोकगन से एक बार फिर चुनाव में नई जान फूंक दी है. टीएमसी इस स्लोीगन के जरिए ये बताने की कोशिश कर रही है कि ममता बंगाल की बेटी हैं और बीजेपी बाहरी शक्ति. पिछले लोकसभा चुनावों में टीएमसी के लिए बड़ी चिंता बन चुकी भाजपा पिछले करीब डेढ़ दो सालों से बंगाल में अपना आधार तैयार करने में जुटी है. एक गणित यह कह रहा है कि टीएमसी के साथ ओवैसी की पार्टी का गठबंधन हुआ, तो भाजपा को फायदा मिल सकता है और कांग्रेस के मुस्लिम वोट कट सकते हैं. दूसरा गणित यह है कि मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी की पार्टी भाजपा के लिए खतरा भी बन सकती है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

अपने पिता को लेकर कंगना का बड़ा खुलासा, कहा- मैं उन्हें थप्पड़ मारने वाली थी…

Next Post

सांसदों से मातृभाषा को बढ़ावा देने की अपील की उप राष्ट्रपति ने

Next Post
सांसदों से मातृभाषा को बढ़ावा देने की अपील की उप राष्ट्रपति ने

सांसदों से मातृभाषा को बढ़ावा देने की अपील की उप राष्ट्रपति ने

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d