असमः भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सोमवार को आगामी असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर डिब्रूगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. चुनाव को लेकर भाजपा प्रचार अभियान में जुटी है और राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ताबड़तोड़ रैलियां कर रही है. रैली में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने असम की सभ्यता को चोट पहुंचाई है. कांग्रेस पार्टी ने असम की सुरक्षा को कभी तरजीह नहीं दी, इसलिए यहां परेशानियां बढ़ती गई. लेकिन पिछले 5 साल में सर्बानंद सोनोवाल की सरकार आई तो असम की तस्वीर बदल दी गई.
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि हमे तय करना है कि क्या हम असम की संस्कृति की रक्षा करेंगे या बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व में जिस तरह से समाज को बांटने की कोशिश हो रही है, उसका साथ देंगे. इस बात को हमे तय करने की ज़रूरत है. कांग्रेस पार्टी के हाथी के दांत दिखाने के ओर है और खाने के ओर है. उन्होंने कहा कि इससे पहले यहां कांग्रेस ने 15 साल राज किया. बोडोलैंड आंदोलन के दौरान 2,155 लोग मारे गए थे. 2,084 लोग सुरक्षा कर्मी मारे गए थे. 1,300 लोगों का अपहरण हुआ था.
भाजपा आई तो बोडो आंदोलन समझौते में बदल गया और उनके विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपए भी दिए गए हैं. नड्डा ने कहा कि असम में आज की जनसभा का ये माहौल हर्षोल्लास का है, जीत का आशीर्वाद देने का है. आपका उत्साह बताता है कि आपने भाजपा को जिताना तय कर लिया है. जनता की सेवा करना, असम की चिंता करना, असम को आगे बढ़ने में योगदान देने में भाजपा सबसे आगे रही है.
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पूर्वोत्तर क्षेत्र की कांग्रेस ने उपेक्षा की है, यहां विकास के पहिये को रोका है. विकास को यहां कांग्रेस ने गहरी चोट पहुंचाई थी. जब हमारी सरकार आई तो हमने असम की संस्कृति, भाषा की रक्षा की. यहां समृद्धि लाने का और सुरक्षा देने का प्रयास किया है. जे पी नड्डा ने कहा कि जहां तक कांग्रेस का सवाल है अवसरवाद और स्वार्थ की राजनीति ही इनका लक्ष्य रहा है. केरल में ये CPM के विरुद्ध मुस्लिम लीग के साथ मिलकर लड़ रही है, बंगाल में CPM के साथ लड़ रही है और असम में अजमल के साथ मिलकर लड़ रही है. ये अवसरवादिता नहीं है, तो और क्या है?
उन्होंने कहा कि यह चुनाव असम की संस्कृति की रक्षा, सुरक्षा और समृद्धि का चुनाव है. कांग्रेस को वोट देने का मतलब है अवसरवादी राजनीति को बढ़ावा देना, विकास को धता बताना और असम को अंधकार में धकेल देना. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता जब-जब यहां आए तो चाय के बगान के साथ अपनी तस्वीर दिखाने की कोशिश की. लेकिन वो चाय का बगान यहां का नहीं था, ताइवान का था और श्रीलंका का था.जिन लोगों की सोच में भारत की मिट्टी नहीं है, वो क्या विकास करेंगे?

