BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

खुशहाल जीवनशैली, परस्पर सहयोग की भावना और स्वस्थ रहने की कला सीखनी है, तो एक बार यहां जरूर आए …

by bnnbharat.com
December 5, 2020
in समाचार
खुशहाल जीवनशैली, परस्पर सहयोग की भावना और स्वस्थ रहने की कला सीखनी है, तो एक बार यहां जरूर आए …
Share on FacebookShare on Twitter

सदियों पुरानी से चली आ रही रहन-सहन, खान-पान, पर्व-त्योहार और देशी चिकित्सा पद्धति की वीडियो में देखिये एक झलक

रांची: आधुनिककता और दिखावे की पाश्चात्य संस्कृति की खामियों के बीच दुनिया भर के लोग एक फिर से पुरानी जीवन शैली, रहन-सहन और खान-पान अपनाने की दिशा की ओर लौट रहे हैं. खुशहाल जीवन, परस्पर सहयोग और सद्भाव तथा स्वस्थ रहने की कला में जनजातीय जीवनशैली को पूरी दुनिया के लिए उदाहरण है और आदिम जनजाति और आदिवासियों की पूरी जीवनशैली को समझना है, तो झारखंड के गुमला स्थित ट्राइबल म्यूजियम लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता हैं.

झारखंड की राजधानी रांची से करीब 90 किलोमीटर दूर गुमला जिला मुख्यालय स्थित संत इंग्नेशियस हाईस्कूल परिसर में स्थित ट्राइबल म्यूजियम की स्थापना वर्ष 2005 में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से की गयी. इस आदिवासी संग्रहालय का उदघाटन तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शिबू सोरेन ने किया था. सदियों पुरानी जनजातीय संस्कृति को एक म्यूजियम में एकत्रित करने के उद्देश्य बेल्यिम के पुजारी फादर पी0पी0 वेनफेल ने सदियों पुरानी जनजातीय संस्कृति को जन-जन पहुंचाने और इसके प्रचार-प्रसार के लिए इस म्यूजियम की स्थापना की है.

आदिवासियों का घर आंगन किस तरीके से होता है, इसकी झलक ट्राइबल म्यूजियम में देखने को मिलती है. आदिवासी संग्रहालय को चार भागों में बांटा गया है, जिसमें विभिन्न जनजातीय समुदाय में जन्म से लेकर मृत्यु तक होने वाली सभी घटनाक्रमों को दर्शाया गया है.

म्यूजियम के निदेशक फादर अनुरंजन पूर्ति का कहना है कि जनजातीय समुदाय के औजार, दिनचर्या, घर-गृहस्थी और पेशा में उपयोग होने वाले सभी परंपरागत औजार को दर्शाया गया है. वहीं विभिन्न बीमारियों को वर्षों पुरानी परंपरागत देशी चिकित्सा पद्धति, पेड़-पौधे और उनके औषधीय गुणों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है.

जनजातीय संग्रहालय में आदिवासियों के खेती करने के तरीके, शादी-ब्याह और पर्व त्योहार मनाने के तरीके अलावा दाह -संस्कार की प्रक्रिया को भी दर्शाया गया है.

ट्राइबल म्यूजियम में प्रवेश करते हुए जनजातीय समुदाय के आंगन और उनके खेती करने तरीके तथा रहन-सहन की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती हैं. म्यूजियम को आने वाले पर्यटकों के लिए आदिवासी संस्कृति, संगीत और कला की एक संवादात्मक तथा मंत्रमुग्ध कर देने वाली संगीत के साथ डिजाइन किया गया है.

संग्रहालय में स्थलाकृति, इतिहास, उत्थान और आदिवासी नायकों के बारे में भी जानकारी दी गयी. यहां पांच प्रमुख जनजातियों उरांव, मुंडा, संथाल, हो और खड़िया समुदाय के विकास गाथा के अलावा आदिम जनजाति बिरहोर, बिरजिया,साबर, कोरवा, सौरया पहाड़िया, असुर और मालार समेत अन्य जनजातियों के बारे में भी जानकारी दी गयी.

यहां वन क्षेत्र की औषधियां, वन में शिकार, खेती की पारंपरिक रीति-रिवाज, बच्चों के पालन, युवाओं के कौशल, महिलाओं के घर-परिवार के पालन, वृद्धावस्था के रहन-सहन और अंत में ससनदिरि (कब्र) में पार्थिव शरीर के दफन के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है.

इस संग्रहणालय में सिर्फ जनजातीय सभ्यता-संस्कृति के बारे में ही झलक नहीं मिलती है, बल्कि झारखंड और देश के प्रागैतिहासिक और मध्यकालीन इतिहास से लेकर मौजूदा 20वीं सदी तक के कार्यकाल में जनजातीय जीवन शैली में आये बदलाव को बखूबी दर्शाया गया है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

किसानों से सहानुभूति का कांग्रेस कर रही ड्रामा: गजेंद्र सिंह शेखावत

Next Post

CBSE ने 10वीं-12वीं के एडमिट कार्ड में किया बदलाव

Next Post
CBSE  ने 10वीं-12वीं के एडमिट कार्ड में किया बदलाव

CBSE ने 10वीं-12वीं के एडमिट कार्ड में किया बदलाव

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d