रांची:
●कलियुगाब्द…..5122
●विक्रम संवत्…..2077
●शक संवत्…….1942
●मास……….बैशाख
●पक्ष………..शुक्ल
●तिथी………नवमी
प्रातः 11.32 पर्यंत पश्चात दशमी
●रवि……..उत्तरायण
●सूर्योदय..प्रातः 05.53.26 पर
●सूर्यास्त..संध्या 06.54.38 पर
●सूर्य राशि……मेष
●चन्द्र राशि…..सिंह
●नक्षत्र………मघा
रात्रि 11.32 पर्यंत पश्चात पूर्वाफाल्गुनी
●योग………..वृद्धि
दोप. 03.10 पर्यंत पश्चात ध्रुव
●करण……..कौलव
प्रातः 11.32 पर्यंत पश्चात तैतिल
●ऋतु………..बसंत
●दिन……….शनिवार
★★ आंग्ल मतानुसार :-
02 मई सन 2020 ईस्वी
★★ तिथि विशेष :
◆◆ भगवती सीता नवमी:
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को सीता नवमी कहते हैं। इसी दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को पुष्य नक्षत्र के मध्याह्न काल में जब महाराजा जनक संतान प्राप्ति की कामना से यज्ञ की भूमि तैयार करने के लिए हल से भूमि जोत रहे थे, उसी समय पृथ्वी से एक बालिका का प्राकट्य हुआ. जोती हुई भूमि तथा हल के नोक को भी ‘सीता’ कहा जाता है, इसलिए बालिका का नाम ‘सीता’ रखा गया था. अत: इस पर्व को ‘जानकी नवमी’ भी कहते हैं.
★ शुभ अंक……….8
★ शुभ रंग……..नीला
★★ अभिजीत मुहूर्त :
दोप 11.58 से 12.49 तक
★★ राहुकाल :
प्रात: 09.10 से 10.47 तक
★★ दिशाशूल :-
पूर्वदिशा – यदि आवश्यक हो तो अदरक या उड़द का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें
★★ चौघड़िया :
प्रात: 07.33 से 09.09 तक शुभ
दोप. 12.23 से 01.59 तक चर
दोप. 01.59 से 03.36 तक लाभ
दोप. 03.36 से 05.13 तक अमृत
संध्या 06.49 से 08.13 तक लाभ
रात्रि 09.36 से 10.59 तक शुभ ।
★★ आज का मंत्र :-
|| ॐ आंजनेय नम: ||
★★ सुभाषितानि (राजधर्म) :-
सरस्वती स्थिता वक्त्रे लक्ष्मी र्वेश्मनि ते स्थिता ।
कीर्तिश्च कुपिता राजन् तेन देशान्तरं गता ॥
◆ अर्थात :- हे राजन् ! सरस्वती तेरे मुख में है, लक्ष्मी तेरे घर में आ बसी है. इस लिए गुस्सा होकर कीर्ति दूसरे देश में चली गयी है.
★★ आरोग्यं सलाह :
◆◆ शरीर की कमजोरी दूर करे :
◆ दूध :- शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए आप दूध का सेवन कर सकते हैं. दूध का सेवन मसल्स प्रोटीन सिंथेसिस में सुधार के लिए जाना जाता है, और यह मांसपेशियों के स्वास्थ्य में योगदान दे सकता है. दूध पीना सेहत और खास तौर से हड्डिययों के लिए फायदेमंद है. इसके लिए आप रोजाना एक गिलास दूध जरूर पीजिए.

