रांची: राज्य में जहरीली शराब पीने से अब तक 46 मौतें हुई हैं. जबकि, 4 के विसरा रिपोर्ट अभी आने बाकी हैं. ये आंकडे वर्ष 2004 से लेकर 2020 तक के हैं. लेकिन, वर्ष 2019 में जहरीली शराब से पीने से एक भी मौत नहीं हुई है.
जहरीली शराब पीने से सबसे ज्यादा मौतें वर्ष 2004 से लेकर 2008 तक हुई हैं. सबसे अधिक 22 मौतें धनबाद में हुई हैं. वहीं, दूसरे नंबर पर गिरिडीह है. गिरिडीह में जहरीली शराब पीने से 11 मौतें दर्ज की गयी है. विभाग ने इस मामले पर लापरवाही बरतने वाले पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है.

इस पूरे मामले पर राज्य सरकार ने प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का भी गठन किया गया था. उक्त कमेटी द्वारा दिये गये जांच प्रतिवेदन के आधार पर तत्कालीन सहायक आयुक्त उत्पाद निलंबित किये जा चुके हैं. रांची जिला के क्षेत्रीय अवर निरीक्षक उत्पाद को भी निलंबित कर दिया गया है. सभी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी है.
जबकि, वर्ष 2017 में रांची जिले में हुई घटना के मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी हो चुकी है. सदन में विधायक जयप्रकाश भाई पटेल द्वारा इस बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा. इस घटना में लापरवाही बरतने वाले कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है. कई निलंबित भी किये जा चुके हैं.
अब तक कितनी मौतें हुई
धनबाद में
- वर्ष 2004-05 में 15 मौतें
- वर्ष 2007-08 में 7 मौतें
रांची में
- वर्ष 2017 में 16 मौतें हुई, इनमें 9 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने की वजह से हुई.
- वर्ष 2018 में पांच मौतें हुईं, इनमें चार मौत जहरीली शराब पीने की वजह से हुईं.

