रांची:देश के मजदूर और कर्मचारी संगठनों ने आज पूरे देश मे भारत की अर्थव्यवस्था और संप्रभुता की रक्षा के लिए सार्वजनिक क्षेत्र बचाओ दिवस आयोजित कर केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि श्रमिकों के वर्षों के खून – पसीने से निर्मित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ,उद्यमो व प्रतिष्ठानों को निजी हाथों मे देने की साजिश बंद करे अन्यथा देश का मजदूर वर्ग इस राष्ट्र विरोधी साजिश के खिलाफ अपनी पूरी ताकत से सरकार के इस फैसले के खिलाफ संडकों पर उतर कर लोकतांत्रिक तरीके से अनवरत आंदोलनों की श्रंखला छेड़े जाने का आह्वान करेगा. ट्रेड यूनियनों ने आज देश भर मे शासक वर्ग द्वारा हमारे सार्वजनिक उधमों के प्रतिष्ठानों जैसे रक्षा, कोयला, इस्पात,दूर संचार, बैंक, बीमा, रेलवे, पेट्रोलियम, एअरपोर्ट और बंदरगाह समेत अन्य महत्वपूर्ण उधोगों को देशी – विदेशी पूंजीपतियों को कौड़ी के मोल सौंपे जाने के खिलाफ विरोध कार्रवाईयां आयोजित कर केंद्र सरकार के इस विनाशकारी आत्मघाती और राष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ देशव्यापी विरोध दर्ज किया.
झारखंड में राज्य के तमाम औद्योगिक इलाकों जैसे कोयला खदान बहुल जिले धनबाद, रामगढ, हजारीबाग, बोकारो मे गेट और पीट मिटिंग किए गए. बोकारो इस्पात कारखाने के गेट पर मजदूरों को संबोधित किया गया, कोडरमा के पावर प्लांट, साहेबगंज के मैरी गोल्ड रेलवे जो एनटीपीसी फरक्का और कहलगांव को राजमहल कोल प्रोजेक्ट से कोयला आपूर्ति करता है के मजदूरों ने रेलवे लाईन पर धरना दिया. पाकुड़ के पत्थर और बीड़ी उधोग के मजदूरों ने दर्जनों जगह तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया. लौह नगरी टाटा मे फार्मा उधोग के मजदूरों और इंडस्टियल एरिया के कल कारखानों के गेट समेत साकची चौक पर विरोध सभाओं का कार्यक्रम किया गया. राज्य के अधिकांश जिलों मे सेल्स प्रमोशन इंप्लाईज और असंगठित क्षेत्र के कामगार तथा निमार्ण मजदूरों ने अपने कार्यस्थलों पर नारे लगाए. बैक और बीमा सेक्टर के कर्मचारियों ने भी संयुक्त विरोध कार्रवाईयों मे भागीदारी की.
राजधानी रांची में इंडियन आयल डिपो, एचईसी, सीसीएल मुख्यालय और सीएमपीडीआई मे सीमित उपस्थिति और शारीरिक दूरी का पालन करते हुए विरोध कार्यक्रम किए जाने की सूचना है.
रांची के शहीद चौक पर सीटू, एटक, एक्टू, बेफी और बीएसएसआर युनियन के लोगों ने नारे लिखे तख्तियों के साथ विरोध प्रदर्शन मे हिस्सा लिया. रांची मे मौके पर सीटू के प्रकाश विप्लव, एक्टू के शुभेंदु सेन एटक के पी. के. गांगुली,बेफी के एम. एल सिंह, कनक रंजन चौधरी एफएमआरएआई के अनिर्वान बोस, रणदीप भंजो, विजय वर्मा एआईआरटीडब्लूएफ के के. पी. राय समेत ट्रेड यूनियनों के दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे.

