बसंतराय: कोरोना महामारी को लेकर हुए देशव्यापी लॉकडाउन के बाद गोड्डा जिला के सीमावर्ती इलाकों में बने चेकनाकाओं सहित विभिन्न पगडंडी रास्ताओं को प्रशासन के द्वारा जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर आवागमन पर रोक लगाने की कोशिश की गई लेकिन ये कोशिश को कुछ लोगों ने तार-तार कर रख दिया है. मालूम हो कि गोड्डा जिला प्रक्षेत्र,बिहार-झारखण्ड के ठीक सीमा पर बसा है और सीमा पार बिहार राज्य के अधिकांश जिलों में कोरोना ने दस्तक दे दी है. ऐसे में जिला प्रशासन के निर्देश पर बसंतराय प्रशासन के द्वारा सीमा क्षेत्र के सनौर एवं कोरियाना गांव में चेकनाका बनाकर चौबीस घण्टे दंडाधिकारी समेत पुलिसकर्मियों की मौजूदगी कर नजर बनाए हैं, लेकिन कहीं न कहीं चेकनाका के रहने के बाद भी बिहार से झारखण्ड में आम लोगों का प्रवेश करना बसंतराय के प्रशासनिक कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा रही है.
मालूम हो कि गोड्डा जिला से ठीक सटे बिहार राज्य के भागलपुर एवं बांका जिला में कई एक कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुका है और हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ते ही जा रही है. ऐसे में महज चेकनाकाओं के नाम पर बसंतराय थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह के द्वारा पुलिस बलों की मौजूदगी कर कोई सख्ती न किये जाने से बिहार का संक्रमण गोड्डा में प्रवेश करने में देरी नहीं लगेगी. ऐसी ढुलमुल रवैया बसंतराय प्रशासन के घोर लापरवाही को प्रदर्शित कर रही है,जिसका खामियाजा कहीं गोड्डा वासियों को कोरोना जैसी गम्भीर बीमारी के आगोश में आकर ना चुकता करना पड़े. वहीं चेकनाका पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी कभी-कभी ही फुटेज ले पा रहा रहा है यूं कहें तो ये कैमरे काम कर पाने अक्षम हैं, जिसे लेकर स्थानीय बसंतराय प्रखंड विकास पदाधिकारी को सूचित भी किया जा चुका है, बावजूद उसके चेकनाकाओं पर लगाये गए सीसीटीवी कैमरा को संचालित करने में कोई ध्यान नहीं दिया गया, नतीजतन ये कैमरे महज एक शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है.

