हजारीबाग: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत केंद्र सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों व कामगारों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है.
इसी दिशा में हजारीबाग में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में प्रवासी कामगारों को होली क्रॉस कृषि विज्ञान केंद्र में मशरूम उत्पादन का 3 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया.
हजारीबाग जिला के दारू प्रखंड के होली क्रॉस कृषि विज्ञान केंद्र में तीन दर्जन प्रवासी कामगार मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण ले रहे हैं. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बीजोपचार से लेकर मशरूम के उत्पादन की सभी तरह की विधियों की जानकारी दी जा रही है.
दिल्ली में रहकर कॉल सेंटर में काम कर रहे प्रवासी मजदूर संदीप भी मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, ताकि मशरूम का उत्पादन कर परिवार के साथ खुद भी आत्मनिर्भर बन सकें .
प्रवासी कामगार किशोर भी मानते हैं कि इस प्रशिक्षण से उन जैसे लोगों को लाभ होगा और मशरूम उत्पादन करने के बाद उन्हें बाहर काम पर जाने की जरूरत नहीं होगी.
इस मौके पर प्रशिक्षक डॉ पी के धाकड़ ने बताया कि काफी कम लागत पर मशरूम उत्पादन का व्यसाय किया जा सकता है और घर में ही इसका उत्पादन कर दोगुना मुनाफा कमाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान काफी सहायक सिद्ध हो रहा है और इससे पलायन की समस्या पर अंकुश लग सकेगा .
कोरोना काल में जान भी जहान भी को आत्मसात करते हुए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतार रही है ताकि जीवन के साथ जीविका भी चलती रहे. उम्मीद की जानी चाहिए की मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रावासी मजदूर अपनी नयी दुनिया बनायेंगे.

