मुंबई: मुंबई के सायन अस्पताल से एक बहुत ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि अस्पताल में जहां कोरोना वायरस मरीजों का इलाज चल रहा है, वहीं कोरोना के कारण मारे गए लोगों के शव रखे हुए हैं.
यह वीडियो पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बेटे और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक नितेश राणे ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जिसे लेकर अब मुंबई में हड़कंप मच गया है.
वीडियो शेयर करते हुए नितेश राणे ने लिखा, “सायन अस्पताल में मरीज शवों के बराबर में सोए हुए हैं. यह कैसा एडमिनिस्ट्रेशन है. बहुत ही शर्मनाक है.”
नितेश राणे द्वारा शेयर किए गए वीडियो पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट किया, “सायन अस्पताल की घटना बहुत ही गंभीर है.
डेड बॉडी के बगल में मरीजों का इलाज करना यह एक गंभीर विषय है. मुंबई की देखभाल करने वाला कोई नहीं है, ऐसा सवाल खड़ा हो रहा है. सरकार को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए और ऐसी घटना दोबारा ना हो इसका ख्याल रखना चाहिए.”
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले पर सायन अस्पताल के डीन प्रमोद इंगले का कहना है कि कोविड-19 के कारण मरने वाले मरीजों के रिश्तेदार शव को लेने से हिचक रहे थे.
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि शव वहां पर रखे हुए थे. अब वहां से शवों को हटा दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.
डॉ. इंगले से जब पूछा गया कि शवों को मुर्दाघर में क्यों नहीं रखा गया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल के मुर्दाघर में 15 स्लॉट हैं, जिनमें से 11 पहले से ही भरे हुए हैं. अगर इन सभी शवों को मुर्दाघर में शिफ्ट कर देते हैं, तो उन शवों के लिए समस्या होती, जिन लोगों की मौत कोविड-19 के कारण नहीं हुई है.

