नयी दिल्ली: जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने जनजातियों को महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाने और कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में वृद्धि बहाल करने की प्रक्रिया के हिस्से के रूप में कार्यान्वयन के लिए विभिन्न उपाय किए हैं.
जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने पिछले दिनों 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर लघु वनोपज (एमएफपी) की खरीद के लिए संबंधित राज्य नोडल एजेंसियों को सही बयाना में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर करने के लिए जागरूक करने को कहा है.
इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट, असम, आंध्र प्रदेश, केरल, मणिपुर, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड शामिल है.
मंत्रालय द्वारा इस रोडमैप को तैयार करने और कॉविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था में वृद्धि बहाल करने के लिए इनमें से प्रत्येक पहल के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक उपाय करने के लिए अधिकारियों की तीन टीमों का गठन किया गया है.
गृह मंत्रालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जिनका उद्देश्य देश भर के वन क्षेत्रों में आदिवासियों द्वारा लघु वनोपज (एमएफपी)/गैर टिम्बर वनोपज (एनटीएफपी) के संग्रहण, कटाई और प्रसंस्करण के लिए लॉकडाउन के प्रावधानों में ढील देना है.

