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कांग्रेस भवन में मौलाना अबुल कलाम आजाद को जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि

by bnnbharat.com
November 11, 2020
in समाचार
कांग्रेस भवन में मौलाना अबुल कलाम आजाद को जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि
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रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के तत्वावधान में आज स्वतंत्रता आंदोलन के महान सपूत देश के प्रथम शिक्षामंत्री, शिक्षाविद्ध व कुशल राजनीतिज्ञ मौलाना अबुल कलाम आजाद की 132वीं जयन्ती काग्रेस भवन, मनाई गई. इस अवसर पर कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए मौलाना आजाद के बहुमुखी व्यक्तित्व की चर्चा की तथा उन्हें राष्ट्र भक्त, शिक्षाविद एवं राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया.

वक्ताओं ने कहा कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे उस वक्त मौलाना आजाद के नाम पर तकनीकि शिक्षा प्रारम्भ करने के लिए रांची के चिरौंदी में शिलान्यास किया था, परन्तु उसे किन्हीं कारणों से पूरा नहीं किया जा सका उसके लिए एक कमिटी बनाकर पहल करने की आवश्यकता पर बल दिया.

वक्ताओं ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम का रांची से विशेष लगाव रहा है, वह जब रांची में तकरीर करते थे तो मुस्लमानों के साथ-साथ अन्य दूसरें समुदाय के लोगों की भी तकरीर सुनने की व्यवस्था की गयी. जिससे मजबूत भारत को दर्शता है. उनके व्यक्तित्व से हमारे युवापीढ़ी को सीख लेने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि उन्होंने कम उम्र में जो उपलब्धि हासिल की थी, वह बेमिसाल है और उनके लेखन, विचारों से संबंधित दस्तावेज को प्रकाशन करना चाहिए ताकि आज के युवा, छात्र उनके कृति को जान सके और उनके अनुरूप अपने को ढ़ाल सके.

वक्ताओं ने कहा कि मौलाना साहब प्रथम पंक्ति के समाजसेवी, सफल राजनीतिज्ञ एवं राजनेता थे. मौलाना आजाद से प्रभावित होकर ही अल्पसंख्यक समुदाय ने कांग्रेस के झंडे तले स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. मौलाना आजाद नजरबंदी के दौरान रांची में रहे और यहां उन्होंने हिन्दु -मुस्लिम एकता पर जो कार्य किया वह अविस्मरणीय है. आज देश में उच्च स्तरीय शैक्षणिक ढांचा है वह मौलाना आजाद की देन है. यू.जी.सी.आई.टी. संघ लोक सेवा आयोग मौलाना आजाद की देन हैं. मौलाना आजाद ने संयुक्त संस्कृति के माध्यम से देश को एक पिरोने का कार्य किया.

श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ राजेश गुप्ता, सलीम खान, जगदीश साहु, अरूण श्रीवास्तव, नेली नाथन, सुरेश बैठा, फिरोज रिज्वी मुन्ना, अख्तर अली, भानू प्रताप बड़ाईक, दिनेश लाल सिन्हा, जितेन्द्र त्रिवेदी, इम्तियाज आलम, सुरैन राम, गौरी शंकर महतो, मदन महतो, गुलजार अहमद, वेद प्रकाश तिवारी, रामानंद केशरी सहित काफी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे.

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