राजधानी के नामकुम में 80 करोड़ की लागत से बना है तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर
दीपक
रांची: झारखंड सरकार ने तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर में ट्रिपल आइटी की कक्षाएं संचालित की जायेंगी. फिलहाल एनआइटी जमशेदपुर परिसर में ट्रिपल आइटी की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. राज्य के उच्च, तकनीकी शक्षा और कौशल विकास विभाग की तरफ से कक्षाएं शुरू करने का अनुमोदन भी दे दिया गया है. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केंद्र के निर्देश पर विभाग के सचिव राजेश शर्मा को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश भी दिया है. तकनीकी विवि परिसर में एकैडेमिक बिल्डिंग ट्रिपल आइटी के लिए मुहैया कराया गया है.

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन आनेवाले ट्रिपल आइटी को लेकर एनआइटी जमशेदपुर के निदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गयी है, जो झारखंड में संस्थान के सभी कामकाज को देख रही है. राज्य सरकार की तरफ से राजधानी रांची के कांके प्रखंड में सांगा में ट्रिपल आइटी के लिए जमीन भी आवंटित की गयी है. 66 एकड़ जमीन का हस्तांतरण भी ट्रिपल आइटी प्रबंधन को कर दिया गया है.
दो वर्षों से ट्रिपल आइटी के लिए जोसा काउंसेलिंग के जरिये हो रहा है बीटेक में एडमिशन
केंद्र सरकार के नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के माध्यम से आयोजित होनेवाली जोसा काउंसेलिंग के जरिये झारखंड के ट्रिपल आइटी में दाखिला लिया जा रहा है. जोसा काउंसेलिंग से संस्थान में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की बीटेक कक्षाओं में दाखिले को लेकर एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की जा रही हैं. जोसा काउंसेलिंग में फिलहाल सीसैब के जरिये खाली पड़ी सीटों के लिए काउंसेलिंग और सीट फिलिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. राज्य सरकार के सूचना प्रावैधिकी विभाग की तरफ से रांची में ट्रिपल आइटी खोलने का पांच वर्ष पहले लाया गया था. इसमें कंप्यूटर और इससे जुड़ी कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया था. दोनों पाठ्यक्रमों के लिए 120 सीटें तय की गयी हैं.
नामकुम के सिरखाटोली परिसर में है तकनीकी विश्वविद्यालय
राजधानी रांची के नामकुम स्थित सिरखाटोली में तकनीकी विश्वविद्यालय का नया कैंपस बनाया गया है. 80 करोड़ की लागत से बने तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर में छात्रावास, कुलपति आवास, स्टाफ कर्वाटर और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की गयी हैं. 2019-20 सत्र से लेकर ट्रिपल आइटी के नये कैंपस बनने तक दोनों संकायों की कक्षाएं यहां संचालित की जायेंगी.

