बांदा: शहर कोतवाली के चमारौ डी मोहल्ले में कालूकुंवा पुलिस चौकी प्रभारी सहित जहां चार पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया हैं. वहीं सिपाही व उसकी बहन और मां की सामूहिक हत्या के 10 आरोपियों को पुलिस ने 43 घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया. इनमें चार महिलाएं भी हैं. अभी भी इस जघन्य नरसंहार के मास्टर माइंड आरोपी सहित 5 अभियुक्त फरार हैं. इनमें एक महिला है. सोमवार को गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया.
आपको बता चुकें हैं की यह लोमहर्षक हत्याकांड शुक्रवार की रात शहर के परशुराम तालाब चमरौडी मोहल्ले में पुलिस कांस्टेबल अभिजीत वर्मा उर्फ गोल्डी और उसकी बहन निशा और मां रमा देवी की पड़ोसी चचेरे भाइयों और उनके ससुराल वालों आदि ने मिलकर कुल्हाड़ी, डंडा आदि से सामूहिक हत्या कर दी थी. कांस्टेबल और उसकी बहन अविवाहित थे.
घटना की पृष्ठभूमि में पुराना जमीनी विवाद और उसी दिन जूठन फेंकने को लेकर हुआ झगड़ा बताया गया. मृतक सिपाही के भाई सौरभ वर्मा ने तीन चचेरे भाइयों सहित कुल 15 लोगों की नामजद और दो अज्ञात के विरुद्ध हत्या सहित कई संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इनमें 5 महिलाएं भी हैं.
घटना के बाद से ही पुलिस अभियुक्तों की धरपकड़ में जुट गई थी. ज्यादातर अभियुक्त गिरफ्तार हो गए थे. लेकिन पुलिस ने पुष्टि नहीं की थी. सोमवार को कोतवाली पुलिस ने सामूहिक हत्याकांड के 10 आरोपियों को यहां सीजेएम अदालत में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पेश किया.

