रांची:- झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह प्रभारी अंचल अधिकारी सरिया सम्प्रति अंचल अधिकारी डुमरी शशिभूषण वर्मा और अंचल अधिकारी सुनीता कुमारी विरुद्ध आरोप पर इन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी सहमति दी है.
शशिभूषण वर्मा, तत्कालीन अंचल अधिकारी, सरिया द्वारा सरिया मौजा के बड़की सरिया के विभिन्न गैरमजरूआ खाता, प्लॉट, रकबा को विभिन्न रैयतों को विभिन्न तिथियों में ऑनलाइन कर सरकारी भूमि का अवैध रूप से नामांतरण करने का आरोप है.
वहीं सुनीता कुमारी, अंचल अधिकारी, सरिया द्वारा सरिया मौजा के बड़की सरिया गैरमजरूआ खाता संख्या-200 में प्लॉट संख्या-1839, रकबा 01 एकड़ 60 डी0 रैयत भरथ कोयरी के नाम दिनांक 6 जून 2018, प्लॉट संख्या-4017, रकबा 15.5 डीव रैयत दुलारी देवी के नाम दिनांक 5 जनवरी 2020, प्लॉट संख्या-4771, रकबा 2.6 डीव रैयत महेश कुमार मोदी के नाम दिनांक 23 अगस्त 2019 को ऑनलाइन कर सरकारी भूमि का अवैध रूप से नामांतरण करने का आरोप है.
उपरोक्त पदाधिकारी के विरुद्ध आरोप गंभीर प्रकृति का है. अनुमंडल पदाधिकारी बगोदर-सरिया, गिरिडीह ने जांचोपरांत आरोप को सही पाया है. इसलिए उपायुक्त, गिरिडीह के पत्र के आलोक में शशिभूषण वर्मा, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-प्रभारी अंचल अधिकारी, सरिया सम्प्रति अंचल अधिकारी, डुमरी एवं सुनीता कुमारी, अंचल अधिकारी, सरिया को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सहमति दी है.
