दिल्ली: देशभर में तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विश्वविद्यालयों की फाइनल ईयर/सेमेस्टर की परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर को लेकर नई गाइडलाइन जारी की. मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर एकेडमिक गाइडलाइन जारी की.
यूजीसी की नई गाइडलाइंस से जुड़ी खास बातें
- यूनिवर्सिटीज या शिक्षण संस्थान सितंबर के अंत तक फाइनल ईयर के एग्जाम आयोजित कराएंगे.
- हालात और सहूलियत के अनुसार, एग्जाम पेन-पेपर, ऑनलाइन या मिले-जुले माध्यम (ऑनलाइन और ऑफलाइन) से कराए जा सकते हैं.
- बैकलॉग वाले स्टूडेंट्स के लिए एग्जाम अनिवार्य होंगे. ऐसे छात्र ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह से परीक्षा दे सकते हैं.
- किसी वजह से फाइनल ईयर का कोई स्टूडेंट एग्जाम नहीं दे पाता है तो उसे स्पेशल एग्जाम में हिस्सा लेने का मौका दिया जाएगा जो यूनिवर्सिटी हालात के हिसाब से आयोजित करेगी. ये मौजूदा एकेडमिक सत्र पर लागू होगा और सिर्फ एक बार ही इसका लाभ लिया जा सकेगा.
- इंटरमीडिएट सेमेस्टर के लिए यूजीसी की 29 अप्रैल को जारी की गई गाइडलाइंस ही मान्य होंगी.
- अगर जरूरत पड़ी तो एडमिशन और एकेडमिक कैलेंडर से जुड़ी जरूरी जानकारी यूजीसी अलग से बताएगा.
यूजीसी की नई गाइडलाइंस को लेकर स्टूडेंट्स को ये बात समझने की जरूरत है कि वास्तव में एग्जाम स्थगित होने के अलावा पुरानी गाइडलाइंस में अधिक बदलाव नहीं किया गया है. एग्जाम के आयोजन की अहमियत पर जोर देते हुए यूजीसी ने साफ कर दिया है कि परीक्षाएं तो हर हाल में आयोजित कराई जाएंगी, हालांकि इसके लिए समय अब बढ़ाकर सितंबर तक कर दिया गया है.

