चंदवा: मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की लातेहार के पूर्व जिला सचिव अयुब खान ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड, डेंटल और एनालाइजर मशीन बंद है जो दुर्भाग्यपूर्ण के साथ साथ हैरान करने वाला है. उन्होंने कहा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब छह माह से अल्ट्रासाउंड मशीन चालू नहीं होने से शहर समेत दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से ईलाज कराने आए मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन चालू नहीं होने का भरपूर लाभ यहां के निजी अल्ट्रासाउंड केन्द्र के संचालकों को मिल रहा है, निजी अल्ट्रासाउंड केन्द्रों पर 600 से 700 रुपए तक मरीजाें से वसूली की जाती है. सुखी संपन्न लोगों के लिए यह राशि बहुत ज्यादा मायने नहीं रखती है लेकिन मध्य वर्गीय लाेगाें और गरीब तबके के मरीजों का ईलाज इससे प्रभावित हो रहा है, ऐसे मरीज और उनके परिजन अर्थाभाव के कारण 600 से 700 रुपए तत्काल खर्च नहीं कर पाते हैं.
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड होता था लेकिन कई से बंद है, अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों और महिलाओं को भटकना पड़ रहा है. अल्ट्रासाउंड नहीं होने से लोगों मे निराशा है. मजबूरी में लाेगाें काे निजी क्लिनिकाें में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है. अल्ट्रासाउंड से होने वाली जांच का सबसे अधिक लाभ यहां गर्भवती महिलाओं व पेट से संबधित जटिल बीमारियों से ग्रसित मरीजों को मिलता था.
दुसरी तरफ डेंटल मशीन और डेंटल चिकित्शक उपलब्ध होने के बाद भी नहीं हुई है चालू, अस्पताल में दंत चिकित्सा उपचार के लिए आधुनिक डेंटल मशीन और डेंटल चिकित्शक उपलब्ध है, लेकिन चालू नहीं हो पाई है. लाखों की लागत से खरीदी गई डेंटल डिजिटल एक्सरे मशीन अस्पताल में धूल फांक रही है. डेंटल मशीन चालू होने से लोगों को काफी सुविधा होगी.
इस मशीन की सहायता से डिजिटल एक्सरे स्क्रीन पर डिस्प्ले होंगे और इसकी मदद से दांतों के उपचार में सहायता मिलेगी. मशीन से किया गया एक्सरे काफी क्लीयर आता है, साथ ही दांतों के उपचार में वक्त नहीं लगता. डेंटल मशीन चालू होने से दांत के रोगियों को जांच के लिए रांची समेत दुसरे शहरों का चक्कर काटने से निजात मिलेगी.
इस मशीन में डेंटल डिजिटल एक्सरे की सुविधा होने के चलते मरीजों को दांत के एक्सरे अलग से नहीं करवाने पड़ेंगे, दंत चिकित्सक तुरंत मरीज का एक्सरे कर उसके दांत की स्थिति का जानकारी लेकर समय पर समुचित इलाज हो सकेगा.
वहीं एनालाइजर मशीन चालू होने से मरीजों के कई बिमारियों की जांच होगी. एनालाईजर मशीन लगे कई माह हो गए इस मशीन के लैब टेक्नीशियन भी हैं लेकिन इसकी भी सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही है.
बताया जाता है कि इस मशीन से 100 तरह की जांच हो सकती है, ब्लड टेस्ट से संबंधित सेरम, प्लाज्म, सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूड और पेशाब सैंपल की जांच हो सकती है, सुगर, कोलेस्ट्रॉल, प्रोटीन, इनजाइम आदि की जांच होती है, किसी भी व्यक्ति में किसी भी बीमारी का पता लगाने के लिए यह मशीन उपयुक्त है.
इस मशीन से मरीज के पूरे शरीर में किसी भी बिमारी का पता लगाने में काफी सहायक होता है, लिवर किडनी सीबीसी ब्लड संबंधी कई बीमारियों का पता चलता है, इससे रक्ताल्पता या एनीमिया, डिहाइड्रेशन, ह्दय रोग, संक्रमण, सूजन और आरबीसी काउंट और डब्लूबीसी काउंट, प्लेटलेट काउंट टेस्ट, हेमोग्लोबीन आदि टेस्ट किया जा सकता है.
एनालाइजर मशीन लगने से मरीज को ब्लड और पेशाब के सैंपल से संबंधित जांच की सुविधा भी मिलेगी. अस्पताल में अल्ट्रासाउंड चालू कराने के लिए स्पेशलिस्ट चिकित्शक अथवा विशेषज्ञ उपलब्ध कराने एवं डेंटल और एनालाइजर सुविधा मरीजों को दिलाने की मांग माकपा ने उपायुक्त जिशान कमर व सिविल सर्जन संतोष कुमार श्रीवास्तव व सीएचसी प्रभारी नंदकुमार पांडेय से की है.

