रांची: झारखंड विकास मोर्चा के साथ भाजपा में विलय करने वाले राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को सोमवार को औपचारिक रूप से पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया. नेता चयन को लेकर पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक पी.मुरलीधर की उपस्थिति में हुई बैठक में बाबूलाल मरांडी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया.
इस बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और झारखंड प्रभारी ओम प्रकाश माथुर तथा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह के अलावा पार्टी के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, महामंत्री सुनील सिंह और दीपक प्रकाश भी उपस्थित थे.
रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में भाजपा विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पार्टी के 26 में से 25 विधायक उपस्थित थे. पार्टी विधायकों से रायशुमारी के बाद पी. मुरलीधर राव ने बाबूलाल मरांडी को नेता चुने जाने की घोषणा की.
बाद में पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र के तहत विधायक दल का नेता सुनने के लिए सभी नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई.
इस बैठक में बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो को छोड़कर सभी 25 विधायक उपस्थित थे. उन्होंने बताया कि बैठक में विधायक अनंत ओझा ने बाबूलाल मरांडी को पार्टी विधायक दल का नेता चुनने का प्रस्ताव रखा, जिसका अनुमोदन विधायक नीलकंठ मुंडा, विरंची नारायण और केदार हाजरा ने किया. जिसके बाद सर्वसम्मति से सभी विधायकों ने हाथ उठाकर बाबूलाल मरांडी के नाम पर सहमति जताई इसके बाद सभी विधायकों ने लिखित हस्ताक्षर कर बाबूलाल मरांडी को पार्टी विधायक दल का नेता चुना.
उन्होंने कहा कि बाबू लाल मरांडी एक अनुभवी व्यक्ति है और सहज, सरल व्यक्तित्व के धनी बाबूलाल मरांडी को संघर्ष का एक लंबा अनुभव प्राप्त है. पार्टी उनके नेतृत्व में सदन के अंदर जन मुद्दों को लेकर संघर्ष करेगी.
उन्होंने बताया कि विधायक दल का नेता क्यों नहीं जाने की सूचना स्पीकर को आज दे दी जाएगी और उनसे यह आग्रह किया जाएगा कि बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने की घोषणा जल्द की जाए.
गौरतलब है कि बाबूलाल मरांडी की भाजपा में पुनर्वापसी सुनिश्चित करने को लेकर ही अब तक पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव टाल कर रखा गया था और अब जब बाबूलाल मरांडी की भाजपा में वापसी हो चुकी है, तो योजनाबद्ध तरीके से उन्हें विधायक दल का नेता चुन कर राज्य में एक आदिवासी चेहरे के साथ ही सशक्त नेता प्रतिपक्ष का चेहरा सामने लाने की कोशिश की गयी है.

