रांची : झारखंड के कैबिनेट मंत्री सरयू राय सिस्टम की खामियों को हमेशा सामने लाते रहे हैं. चाहे वह राशन कार्ड रद्द होने का मामला हो, या ब्यूरोक्रेशी में बातों के नहीं सुने जाने का मामला हो. हर खामियों को उन्होंने सरकार के सामने निर्भीक होकर रखने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. व्यवस्था की खामियों को उजागर करने का प्रयास निरंतर जारी भी है. पिछले पांच साल के दौरान कई ऐसी खामियों को सरयू राय ने सरकार के समाने रखा, जिससे लोग यह भी कयास लगाने लगे कि सरकार और मंत्री सरयू राय एक दम आमने-सामने हो गए हैं.
करप्शन के कई मामलों को भी सामने लाए
मंत्री सरयू राय ने करप्शन के भी कई मामलों को सामने लाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. कई मामलों पर उन्होंने सीएमओ को भी पत्र लिखा. अब विधानसभा चुनाव से पहले सरयू राय में टिव्ट् के जरीए व्यवस्थाओं में व्याप्त खामियों को भी बताने की कोशिश कर रहे हैं. टिव्ट् के जरीए ईशारा भी कर रहे हैं कि अगर इस खामियों को दूर नहीं किया गया तो चुनावी रणनीति में विपरित असर भी पड़ सकता है.
पांच सितंबर को मंत्री सरयू राय ने ट्वीट किया और लिखा कि
प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ़ बिगुल फूंक दिया है, कुछ ही दिन बाद झारखंड विधानसभा चुनाव आ रहा है. जिनके दामन पर भ्रष्टाचार के नये-पुराने, छोटे-बड़े दाग हैं, जो जांच में साबित हो गये हैं, जिनपर कार्रवाई दबी पड़ी है. उन्हें समय रहते किनारा कर लेना चाहिए. समय बलवान होता है.
9 सितंबर को रात्रि 11-26 बजे सरयू राय का ट्वीट
राजनीति में परिवारवाद पर प्रधानमंत्री का सतत प्रहार केवल पारिवारिक पदऋंखला तक ही नहीं रूके बल्कि पुत्र, भाई, भतीजा, साला सदृश इनके परिवार के सदस्यों के अवैध आचरण को भी परखें. खास कर जब संविधान-कानून की शपथ लेने वाले अधिकारी इनके अवैध कारनामों को खुला शह देते दिखने लगे है.


