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नयी व्यवस्था को लेकर वेंडरो का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल से मिला
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बाबूलाल मरांडी ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
रांची: राज्य सरकार द्वारा ई-ग्रास के माध्यम से मुद्रांक बेचने की व्यवस्था को लेकर वेंडरों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से मिला. सारे सदस्यों ने इस नयी व्यवस्था से उत्पन्न बेरोजगारी की समस्याओं के बारे में बताया.
सारी बातों को सुनने के बाद मरांडी ने राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह को पत्र लिखकर वेंडरों की समस्याओं सेे अवगत कराया. उन्होंने कहा कि सरकार की इस नयी व्यवस्था की मार राज्य के हजारों वेंडरों पर पड़ेगी, बेरोजगार हो जायेंगे.
ई-स्टांपिंग व्यवस्था के बंद हो जाने से स्टाम्प की बिक्री में कालाबाजारी होगी और खरीदने वालों को ज्यादा कीमत भी चुकानी पड़ेगा. उन्होंने कहा कि ई-ग्रास के द्वारा निर्गत आदेश पर पेपर स्टाम्प व इ-ग्रास के माध्यम से मुद्रांक शुल्क का ऑनलाइन भुगतान की बात कही गयी है जो कहीं से भी व्यवहारिक नहीं है क्योंकि, अभी भी राज्य की 80 प्रतिशत जनता कंप्यूटर शिक्षा से वंचित है और ऑनलाइन उपयोग करना नहीं जानती है क्योंकि, ई-स्टाम्पिंग की व्यवस्था के माध्यम से हजारों वेंडरों को आजीविका का साधन मिला.
उन्होंने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि पूर्व की व्यवस्था को ही चालू रखा जाये. उन्होंने कहा कि पूर्व की व्यवस्था में राज्य सरकार को स्टाम्प की छपायी, धुलाई एवं संग्रहण में करोड़ों रूपये खर्च होते थे. ई-स्टांपिंग प्रणाली लागू होने के बाद सरकार का खर्च लगभग बच गया, साथ ही स्टांपिंग की कालाबाजारी भी बंद हो गयी.

