रांची: भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रभारी विधायक अनंत ओझा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि लॉकडाउन में राज्य से बाहर फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों के साथ पर्यटन, तीर्थ यात्रा, इलाज आदि कारणों से गए नागरिकों को झारखंड वापस लाने को लेकर सरकार गंभीर नहीं है.
ओझा ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ भारतीय जनता पार्टी के सांसद,विधायक गण कोरोना संकट में राज्य सरकार के साथ सकारात्मक सहयोग के लिये खड़े हैं परंतु सरकारी तंत्र की भूमिका निराशाजनक है.
उन्होंने कहा कि स्थिति यह है कि भारत सरकार के पूर्व मंत्री एवम हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सांसद जयंत सिन्हा ने अपने लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाले हजारीबाग, रामगढ़ जिला सहित कोडरमा, चतरा जिले के 47648 प्रवासी नागरिकों की सूची राज्य सरकार को पूर्ण विवरणी, नाम, पता, संपर्क नंबर के साथ सौंपी है, परंतु तीन चार दिनों के बाद भी ऐसे नागरिकों को वापस लाने की कार्य योजना का पता नहीं चल सका.
सांसद कई बार मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर बात करने की कोशिश की, परंतु बात तक नहीं हो सकी. मुख्यमंत्री के निजी सहायक ने भी बातों को अनसुना करते हुए मुख्यमंत्री से बात कराना उचित नहीं समझा.
ओझा ने कहा कि लोकतंत्र में ऐसा असहयोग प्रगति में बाधक बनता है. ओझा ने कहा कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में जो छूट दी है उसमें मजदूरों, छात्रों के अतिरिक्त अन्य कार्यों सेभी राज्य से बाहर गए प्रवासी फंसे हैं. उसके लिये भी प्रावधान किये गए हैं. उनकी भी समस्या गंभीर है.
मुख्यमंत्री को इन बातों का त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.

