रांची: केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि पद्मश्री दिगंबर हांसदा जी के निधन की खबर सुनकर मर्माहत हूं. उनके सान्निध्य में रहने का अवसर मिला.
उन्होंने पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में वंचित समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए काम किया. साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनका असाधारण योगदान रहा.
आदिवासियों और उनकी भाषा के उत्थान के क्षेत्र में प्रोफेसर दिगंबर हांसदा का महत्वपूर्ण योगदान है. वे केन्द्र सरकार के आदिवासी अनुसंधान संस्थान के सदस्य रहे और उन्होंने सिलेबस की किताबों का देवनागरी से संताली में अनुवाद किया.
इसके अलावा राज्य सरकार के अधीन उन्होंने इंटरमीडिएट, स्नातक और स्नातकोत्तर के लिए संताली भाषा का कोर्स संग्रहित किया. दिवंगत आत्मा को भगवान अपने श्रीचरणों में स्थान दें.

