– झारखंड में चोरी, छिनतई व डकैती का ग्राफ कम नहीं
– झारखंड में नौ माह में 7,133 चोरी की घटनाएं
निरज कुमार
रांची: झारखंड में चोरी, छिनतई व डकैती का ग्राफ कम होता नहीं दिख रहा है. बीते नौ माह में राज्य में चोरी की 7133 घटनाएं हुई हैं. वहीं, छिनतई के 509 व डकैती की 86 घटनाएं हुई हैं. ये आंकड़े झारखंड पुलिस के हैं. तमाम प्रयासों के बावजूद इन घटनाओं में अब तक काबू नहीं पाया जा सका है. अगर आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष राज्य में एक दिन में 26 चोरियां हुई हैं. जबकि, हर दिन में दो छिनतई की घटनाएं हो रही हैं. लॉकडाउन में घटनाओं का आंकड़ा कम रहा, क्योंकि, घरों से निकलने पर पांबदी लगी थी. लेकिन, लॉकडाउन ढील के बाद इस तरह की घटनाओं का आंकड़ा तेजी से बढ़ गया. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष राशि में चोरी की घटना में घटनाओं में कमी देखने को मिली है इस वर्ष जनवरी से लेकर सितंबर महीने तक पूरे रांची में 1270 और पूरे झारखंड में 7,133 चोरी की घटनाएं घटी है. वर्ष 2019 के जनवरी से लेकर सितम्बर तक पूरे रांची में 1,730 घटनाएं और पूरे राज्य में 7,260 चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया था. पूरे राज्य का यह आंकड़ा पिछले साल से थोड़ा कम है.
इन आंकड़ों में बैंक रॉबरी, रोड रॉबरी और हाउस रॉबरी शामिल है. इन 9 महीनों में कुल 509 मामले पूरे झारखंड भर में दर्ज किए गए. जिसमें रांची में 167 मामले दर्ज किए गए. ये पिछले साल के 9 महीनों के आंकड़ों से अधिक है. बात की जाए 2019 के नौ महीनों के आंकड़ो तो राँची में रॉबरी के मामले 145 और पूरे झारखंड में 506 था.
जनवरी से लेकर सितम्बर महीने तक राजधानी में डकैती के कुल 8 मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं, झारखंड में 86 मामले दर्ज किए गए. यह आंकड़ा पिछले साल से थोड़ा ही कम है पिछले साल रांची से 9 मामले और पूरे झारखंड से 93 मामले दर्ज किए गए थे.
यह आंकड़ा पुलिस की आंखें खोलने के लिए काफी है. क्योंकि लॉकडाउन के दौरान भी चोरी जैसी घटनाओं में कमी न होना, राज्य व शहर की विधि-व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाता है.
2019 और 2020 में रांची में हुए छिनतई के आंकड़े
2020 2019
जनवरी – 21 04
फरवरी – 17 03
मार्च – 18 07
अप्रैल – 8 06
मई – 12 15
जून – 21 36
जुलाई – 23 34
अगस्त – 24 25
सितंबर – 23 15
कुल – 167 कुल – 145
2019 और 2020 में रांची में हुए डकैती के आंकड़े
2020 2019
जनवरी – 02 01
फरवरी – 0 01
मार्च – 0 01
अप्रैल – 01 0
मई – 0 01
जून – 01 04
जुलाई – 02 0
अगस्त – 0 01
सितंबर – 02 0
कुल – 09 कुल – 08
2019 और 2020 में रांची में हुए चोरी के आंकड़े
2020 2019
जनवरी – 219 205
फरवरी – 150 224
मार्च – 116 175
अप्रैल – 42 143
मई – 84 180
जून – 113 211
जुलाई – 139 209
अगस्त – 194 201
सितंबर – 213 182
कुल – 1,270 कुल – 1,730
बिहार के संगठित आपराधिक गिरोह झारखंड में सक्रिय हैं:
बिहार के संगठित आपराधिक गिरोह झारखंड में इन घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इन्हें पुकारू नाम से जाना जाता है. जमुई का चड्डी बनियान गिरोह, कटिहार का कोढ़ा गैंग, एटीएम की क्लोनिंग करनेवाला बिहार के चंपारण के अपरधियों का गैंग और जमुई के ही चंद्रामुंडी इलाके का हाजरा गैंग झारखंड के कई जिलों में सक्रिय है. झारखंड राज्य पुलिस मुख्यालय ने बिहार पुलिस के आला अधिकारियों को झारखंड में बिहार के गैंग की सक्रियता की जानकारी दी है.
जानिए बिहार के आपराधिक गिरोह कैसे देते हैं घटनाओं को अंजाम
चड्डी बनियान गिरोह:
इस गिरोह के अपराधी मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के रहनेवाले हैं. गिरोह के सदस्य घरों में डकैती, लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते हैं. गिरोह के सदस्य चड्डी और बनियान पहन कर घटना को अंजाम देते हैं. इस गिरोह के अपराधी अपने शरीर पर तेल लगाते हैं, ताकि उन्हें आसानी से पकड़ा न जा सके. पकड़े जाने पर शरीर पर तेल लगे होने की वजह से ये आसानी से खुद को छुड़ा कर भाग जाते हैं. यह गिरोह राजधानी रांची समेत झारखंड के कई अन्य जिलों में डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुका है.
कोढ़ा गैंग:
इस गिरोह के अधिकतर अपराधी बिहार के कटिहार जिले के रहनेवाले हैं. इसका सरगना कटिहार में ही रहता है. कोढ़ा गैंग के सदस्य बैंक या एटीएम के बाहर बुजुर्गों, महिलाओं को निशाना बनाते हैं. हाल के दिनों में राजधानी रांची में कार के शीशे तोड़ कर चोरी की जितनी भी वारदाते हुई हैं, उन सब में इसी गिरोह का नाम सामने आया है. गिरोह के सदस्य बाइक का इस्तेमाल करते हैं. बिना हथियार का इस्तेमाल किये ये बैंक से निकलनेवालों को निशाना बनाते हैं. गिरोह के सदस्य रांची, बोकारो, जमशेदपुर, धनबाद, गिरिडीह समेत कई जगहों पर सक्रिय हैं.
चंपारण का गिरोह:
बिहार के चंपारण जिले के अपराधियों का गिरोह बैंक, शहर-शहर घूम कर मोबाइल की छिनतई की घटनाओं को अंजाम देता है.
हाजरा गिरोह: बिहार के जमुई जिले का हाजरा गिरोह बिहार के पारिवारिक गिरोहों में एक है. हाजरा गिरोह के सदस्य डकैती, लूट की वारदातों को अंजाम देते हैं. जमुई के सीमावर्ती झारखंड के इलाके में गैंग सक्रिय है.

