रांची: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र की कार्यवाही आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गयी. सत्र के अंतिम दिन सदन ने आठ विधेयकों को मंजूरी प्रदान कर दी. जबकि कोरोना महामारी से उत्पन्न समस्या पर भी विषेष चर्चा हुई. वहीं सत्र के अंतिम दिन भी प्रश्नोत्तर कॉल की कार्यवाही पूरी तरह से बाधित रही.
भोजनावकाश के बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सदन ने झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी संषोधन विधेयक 2020, दंड प्रक्रिया संहिता (झारखंड संषोधन) विधेयक 2020, झारखंड खनिज धारित भूमि पर (कोविड-19 महामारी) उपकर विधेयक 2020, झारखंड माल और सेवा कर संषोधन विधेयक 2020, झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन संषोधन विधेयक 2020, झारखंड मूल्य कर संषोधन विधेयक 2020, मोटर वाहन कारारोपण संषोधन विधेयक 2020 और झारखंड राज्य भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) परिषद विधेयक 2020 को मंजूरी प्रदान कर दी गयी.
हालांकि झारखंड खनिज धारित भूमि पर (कोविड-19 महामारी) उपकर विधेयक 2020 और मोटर वाहन कारारोपण संषोधन विधेयक 2020 को भाजपा विधायकों ने प्रवर समिति को सौंपने की मांग की, जबकि झारखंड राज्य भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) परिषद विधेयक 2020 पर भाजपा के रामचंद्र चंद्रवंशी समेत अन्य कई सदस्यों ने विभिन्न संसोधन के प्रस्ताव दिये, जिसे अस्वीकार करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी गयी.
इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने द झारखंड एडवोकेट वेलफेयर फंड रूल्स 2018, भूमि राजस्व मंत्री जगरनाथ महतो ने झारखंड खनिज धारित सेस नियमावली 2020 और प्रभारी शिक्षामंत्री ने झारखं शिक्षा परियोजना परिषद समग्र शिक्षा का वर्ष 2018-19 का वार्षिक प्रतिवेदन और अंकेक्षित लेखा की एक-एक प्रति सभा पटल पर रखी.

